आदित्यपुर मुस्लिम बस्ती में अवैध रकम को लेकर रिश्तेदार ने करवाई थी फायरिंग: दो गिरफ्तार, सरगना सहित अन्य की तलाश तेज

आदित्यपुर: आदित्यपुर थाना क्षेत्र स्थित मुस्लिम बस्ती में 25 सितंबर की रात हुई सनसनीखेज गोलीबारी और जानलेवा हमले की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है।


पैसों के लालच और आपसी जान-पहचान की आड़ में रची गई इस खूनी साजिश का खुलासा करते हुए सरायकेला अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) अनुभव भारद्वाज ने मामले की पूरी जानकारी साझा की।
एसडीपीओ ने बताया कि 25 सितंबर की रात करीब 10:00 बजे कल्लू खान के घर पर आपराधिक नीयत से फायरिंग की गई थी। इस हमले में अब्दुल जाफर (पिता- अब्दुल वाहिद) के सिर को छूते हुए गोली निकल गई, जिनका इलाज टीएमएच जमशेदपुर में चल रहा है। जांच में यह बात सामने आई कि मुख्य आरोपी शेख अजहरुद्दीन, जो कल्लू खान का रिश्तेदार और पूर्व परिचित है, अपने साथी कादिम खान व अन्य अपराधियों के साथ वहां पहुंचा था। उन्हें अंदेशा था कि घर में भारी मात्रा में अवैध कमाई का पैसा रखा हुआ है। करीब एक घंटे तक बातचीत के बहाने घर में रुकने के बाद लूटपाट और हत्या के इरादे से अचानक गोलीबारी शुरू कर दी गई।
घटना के फौरन बाद स्थानीय लोगों के साहस से एक अपराधी प्रकाश चंद्र नायक को पकड़ लिया गया, जिसकी आक्रोशित भीड़ ने पिटाई कर दी। घायल प्रकाश को पुलिस अभिरक्षा में एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस के अनुसार, ओडिशा के नयागढ़ (थाना ओडगाँव) निवासी प्रकाश चंद्र नायक का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है और वह पूर्व में हत्या व डकैती के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट चुका है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीपीओ अनुभव भारद्वाज के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। इस दल में आदित्यपुर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अंजनी कुमार, सब-इंस्पेक्टर विक्रमादित्य पाण्डेय, सब-इंस्पेक्टर हीरालाल कुमार, सब-इंस्पेक्टर असलम अंसारी एवं सशस्त्र बल शामिल थे। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम ने सीमा पार ओडिशा के मयूरभंज (थाना जशीपुर) में दबिश देकर 19 वर्षीय बबलू महतो उर्फ पद्मलोचन मोहंता (पिता- परमानन्द मोहन्ता) को गिरफ्तार कर लिया।
एसडीपीओ ने स्पष्ट किया कि मामले में आदित्यपुर थाना कांड संख्या 269/2026 दर्ज कर फरार आरोपियों शेख अजहरुद्दीन, कादिम खान और उनके अन्य साथियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है, जिन्हें जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।


