लोक आलोक की खबर का असर: साकची से सीतारामडेरा तक अवैध लॉटरी-जुआ पर पुलिस का शिकंजा, 4 गिरफ्तार; ₹4,330 नकद समेत सामान जब्त, असली संचालकों तक पहुंचने का सवाल बरकरार

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जमशेदपुर : “SSP साहब… आदेश आपका, खेल किसका?”—लोक आलोक न्यूज की इस पड़ताल के बाद शहर में कथित अवैध कारोबार को लेकर उठाए गए सवालों का असर अब जमीन पर दिखाई देने लगा है। लोक आलोक ने अपनी पिछली खबर में साकची समेत शहर के कई थाना क्षेत्रों में कथित अवैध कारोबार का उल्लेख करते हुए लॉटरी और जुआ चलाने वाले गिरोहों की गतिविधियों पर भी सवाल उठाए थे। खबर में यह सवाल प्रमुखता से उठाया गया था कि यदि पुलिस का अवैध कारोबार के खिलाफ सख्त आदेश है, तो फिर थाना क्षेत्रों में ऐसी गतिविधियां कैसे जारी हैं। खबर प्रकाशित होने के बाद साकची और सीतारामडेरा थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्रवाई सामने आई है, जिसमें कुल चार लोगों की गिरफ्तारी और ₹4,330 नकद समेत लॉटरी-जुआ से संबंधित सामान जब्त किए जाने की बात सामने आई है।

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साकची थाना क्षेत्र के बिरसा मुंडा टेंपो स्टैंड और मुर्गा लाइन इलाके में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नीरज कुमार सिंह (30), दिलीप पासवान (28) और अरविंद कुमार सिंह (32) को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों पर अवैध लॉटरी और जुआ संचालन का आरोप है। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में आरोपियों ने अवैध लॉटरी और जुआ चलाने की बात स्वीकार की।

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों द्वारा लोगों को अधिक पैसे का लालच देकर ‘गोवा स्टार’ एप के जरिए सट्टा लगवाया जाता था। कार्रवाई के दौरान दो लॉटरी बोर्ड, ₹2,510 नकद, अलग-अलग नंबर लिखी एक कॉपी, मोबाइल फोन और गोवा स्टार एप से जुड़े स्क्रीनशॉट की हार्ड कॉपी बरामद किए जाने की बात कही गई है। मामले में साकची थाना कांड संख्या 70/2026, दिनांक 23 सितंबर 2026 के तहत धारा 318(4), 292, 112(2) और 3(5) बीएनएस के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

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इधर, सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के छायानगर में भी पुलिस ने लॉटरी और जुआ के खिलाफ कार्रवाई की। यहां राहुल कुमार नामक युवक को गिरफ्तार किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार, उसके पास से मोबाइल, लॉटरी खेलने से संबंधित सामान और ₹1,820 नकद बरामद किया गया है।

यानी साकची और सीतारामडेरा की कार्रवाई में कुल चार लोगों की गिरफ्तारी और ₹4,330 नकद की बरामदगी सामने आई है। पुलिस अब इस कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

लोक आलोक ने पहले उठाया था सवाल, फिर हुई कार्रवाई

गौरतलब है कि लोक आलोक न्यूज ने अपनी पिछली पड़ताल में साकची, भालूबासा, सीतारामडेरा, बिष्टुपुर, कदमा, सिदगोड़ा, बागबेड़ा और धतकीडीह समेत कई इलाकों में कथित अवैध कारोबार को लेकर सवाल उठाए थे। रिपोर्ट में लॉटरी और जुआ के कथित कारोबार से जुड़े गिरोहों और गतिविधियों का भी उल्लेख किया गया था। लोक आलोक ने सवाल उठाया था कि यदि इन गतिविधियों की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं, तो स्थानीय पुलिस और उसका सूचना तंत्र आखिर क्या कर रहा है।

इसी रिपोर्ट के बाद अब साकची और सीतारामडेरा में पुलिस की कार्रवाई सामने आई है। ऐसे में इस कार्रवाई को लोक आलोक की खबर का असर माना जा रहा है।

चार गिरफ्तारी के बाद भी बड़ा सवाल—क्या असली नेटवर्क तक पहुंचेगी पुलिस?

हालांकि, कार्रवाई के बाद भी पूरे कथित लॉटरी-जुआ नेटवर्क के असली संचालकों तक पुलिस की पहुंच को लेकर सवाल बरकरार हैं। चार लोगों की गिरफ्तारी के बावजूद यह स्पष्ट होना बाकी है कि कथित कारोबार का संचालन किस स्तर तक फैला हुआ था और इसके पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे।

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स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी है कि गिरफ्तार किए गए लोग कथित नेटवर्क की पूरी कड़ी नहीं हो सकते हैं। ऐसे में अब पुलिस की जांच सिर्फ मौके से पकड़े गए लोगों और बरामद सामान तक सीमित रहती है या फिर पैसों के लेन-देन, मोबाइल कनेक्शन, एप के संचालन और कथित नेटवर्क के अन्य लोगों तक भी पहुंचती है—यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

खानापूर्ति या नेटवर्क पर असली चोट?

कार्रवाई के बाद शहर में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या कुछ लोगों की गिरफ्तारी से कथित अवैध लॉटरी-जुआ कारोबार पर पूरी तरह रोक लग पाएगी? यदि यह कारोबार लंबे समय से अलग-अलग इलाकों में चलने की शिकायतों के बीच सक्रिय था, तो केवल छोटे स्तर के संचालकों पर कार्रवाई के बजाय इसके पूरे नेटवर्क की जांच जरूरी होगी।

अब गेंद पुलिस के पाले में है। लोक आलोक ने सवाल उठाया था, पुलिस ने कार्रवाई की है। लेकिन असली परीक्षा अब यह है कि कार्रवाई की यह शुरुआत नेटवर्क की जड़ तक पहुंचती है या फिर कुछ गिरफ्तारियों के बाद मामला ठंडा पड़ जाता है। वैसे शहर की नजर अब आगे होने वाली कार्रवाई पर है। और आगे लोक आलोक न्यूज की पड़ताल जारी है।

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