होल्डिंग सेंटर नीति से अवैध प्रवासियों पर सख्ती, जिलों में सुविधाओं सहित व्यवस्था शुरू

0
Advertisements

कोलकाता : पश्चिम बंगाल सरकार ने अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान, जांच और उनके निर्वासन की प्रक्रिया को तेज करने के लिए जिलों में होल्डिंग सेंटर स्थापित करने की व्यवस्था शुरू कर दी है। इन केंद्रों में ऐसे लोगों को अस्थायी रूप से रखा जाएगा जिनकी नागरिकता संदिग्ध है या जो जेल से रिहा होकर प्रत्यर्पण की प्रक्रिया में हैं। सरकार ने साफ किया है कि इन केंद्रों में भोजन, आवास और चिकित्सा जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

Advertisements
https://bashisthaonline.in
Advertisements
Advertisements
https://bashisthaonline.in

जानकारी के अनुसार, यह व्यवस्था गृह विभाग के निर्देशों के तहत सभी जिलों में लागू की जा रही है। कई स्थानों पर पहले ही संचालन शुरू हो चुका है और संदिग्ध व्यक्तियों को जांच पूरी होने तक यहां रखा जा रहा है। इस दौरान उनके दस्तावेजों की जांच की जाती है और सत्यापन के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाती है।

सरकार का कहना है कि यह कदम अवैध प्रवासियों की पहचान (detect), वोटर सूची और रिकॉर्ड से नाम हटाने (delete) और अंतिम रूप से देश से बाहर भेजने (deport) की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए उठाया गया है। वहीं, इस नीति को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है और विपक्ष ने इसके क्रियान्वयन को लेकर कई सवाल उठाए हैं.

About The Author

Thanks for your Feedback!

You may have missed