ईडी के समन के बाद टीएमसी में बगावत, मदन मित्रा ने छोड़ा ममता गुट



कोलकाता : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पत्नी और दोनों बेटों को समन जारी किए जाने के एक दिन बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री और कमरहट्टी से विधायक मदन मित्रा ने पार्टी के सभी संगठनात्मक पदों से इस्तीफा दे दिया। इसके साथ ही उन्होंने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले कालीघाट गुट से दूरी बनाते हुए रीतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट का समर्थन करने का ऐलान किया। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अभी भी टीएमसी में हैं और केवल अपना “कमरा” बदला है, घर नहीं।

मदन मित्रा ने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रीतब्रत बनर्जी से मुलाकात के बाद कहा कि वह ममता बनर्जी का सम्मान करते हैं, लेकिन अब कालीघाट वाली टीएमसी का हिस्सा नहीं हैं। उन्होंने पार्टी की सभी संगठनात्मक समितियों और मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) के पद से इस्तीफा दे दिया। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही ममता बनर्जी ने उन्हें पार्टी की राज्य समिति का महासचिव नियुक्त किया था।
मित्रा ने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने उन्हें कुछ समय के लिए पद छोड़ने की सलाह दी थी ताकि पार्टी को दोबारा मजबूत किया जा सके, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरी पार्टी अब केवल एक व्यक्ति के इर्द-गिर्द सिमट गई है। इधर, ईडी ने नगरपालिका भर्ती घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनकी पत्नी अर्चना मित्रा और दोनों बेटों स्वरूप मित्रा एवं शुभरूप मित्रा को पूछताछ के लिए समन भेजा है। इससे पहले जून में ईडी ने मदन मित्रा के ठिकानों पर भी छापेमारी की थी।


