टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन का कार्यकाल बढ़ा, फरवरी 2032 तक बने रह सकते हैं पद पर


मुंबई : टाटा संस के चेयरमैन के तौर पर एन चंद्रशेखरन का कार्यकाल बढ़ सकता है। गुरुवार को हुई बोर्ड की मीटिंग में इस पर सदस्यों ने मंजूरी दे दी। हालांकि, इसके लेकर हुई वोटिंग में टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन नोएल टाटा ने चंद्रशेखरन की नियुक्ति का विरोध किया, जबकि अन्य सदस्यों ने उनका समर्थन किया। एन चंद्रशेखरन का कार्यकाल फरवरी 2027 को समाप्त होने वाला था। चंद्रशेखरन ने एक महीने पहले ही कहा था कि वह अपना कार्यकाल बढ़ाना नहीं चाहते हैं और पद से इस्तीफा देना चाहते हैं। उनका नया कार्यकाल फरवरी 2027 से फरवरी 2032 तक होगा।


अगर कोई नया नाम सामने नहीं आता या चंद्रशेखरन खुद कार्यकाल बढ़ाने से इनकार नहीं करते हैं, तो उनका कार्यकाल 2032 तक बढ़ जाएगा। अगर उन्हें चेयरमैन पद पर फिर से नियुक्त किया जाता है तो टाटा समूह के एक नए नियम का पालन भी करना होगा। नियम के मुताबिक, 65 साल की उम्र के बाद कोई व्यक्ति टाटा समूह का अध्यक्ष बन सकता है, लेकिन रिटायरमेंट की उम्र 70 साल तक ही निर्धारित की गई है। चंद्रशेखरन पद पर कोई व्यक्ति 70 साल तक रह सकता है। ऐसे में अगले सात वर्षों तक उनका पद पर बने रहना संभव है।
टाटा समूह में टाटा ट्रस्ट की हिस्सेदारी 66 फीसदी है, जिसके चेयरमैन नोएल टाटा हैं। नोएल टाटा नहीं चाहते हैं कि चंद्रशेखरन का कार्यकाल बढ़ाया जाए। इस बीच गुरुवार को हुई बोर्ड की मीटिंग में टाटा समूह को पब्लिक लिस्टिंग कंपनी बनाने को भी मंजूरी दे दी गई।


