शहीद भाई की याद में हर साल भेजती हैं राखी, वीर बहन की भावुक अपील ने छुआ दिल



जमशेदपुर : सिंहभूम डाक मंडल की टीम ने वीरांगना लक्ष्मी कुमारी पांडेय से मुलाकात कर उनके परिवार के त्याग और देशभक्ति को सम्मान दिया। इस मुलाकात को संभव बनाने में सेवानिवृत्त जनसंपर्क निरीक्षक अमरेंद्र कुमार सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बातचीत के दौरान लक्ष्मी ने अपने भाई, अमर शहीद किशन दुबे को भावुक होकर याद किया। किशन दुबे 9 जुलाई 2015 को देश की सीमा पर आमने-सामने की मुठभेड़ में वीरगति को प्राप्त हुए थे। संघर्ष के दौरान उनके दाहिनी आंख के पास गोली लगी, लेकिन उन्होंने अंतिम सांस तक देश की रक्षा का अपना कर्तव्य निभाया। लक्ष्मी ने कहा कि उनका भाई आज भले उनके बीच नहीं है, लेकिन उनका बलिदान हमेशा अमर रहेगा।


भाई की शहादत के बाद वर्ष 2015 से लक्ष्मी ने एक अनूठी परंपरा शुरू की। वह हर रक्षाबंधन पर अपने शहीद भाई की बटालियन में तैनात सभी सैनिकों को भारतीय डाक विभाग के माध्यम से राखियां भेजती हैं। उनका मानना है कि राखी केवल एक धागा नहीं, बल्कि सीमा पर तैनात जवानों के लिए सुरक्षा और स्नेह का प्रतीक है। उन्होंने कई वर्षों से समय पर राखियां जवानों तक पहुंचाने के लिए भारतीय डाक विभाग का आभार भी व्यक्त किया।
शादी के बाद अब बोकारो में रह रहीं लक्ष्मी इस वर्ष भी वहां के डाकघर से सीमा पर तैनात सैनिकों के लिए राखियां भेजने की तैयारी कर रही हैं। उन्होंने देश की सभी बहनों से अपील की कि वे सीमा पर तैनात हर सैनिक को अपना भाई मानकर उन्हें राखी भेजें, ताकि जवानों का मनोबल और देश सेवा का संकल्प और मजबूत हो सके। सिंहभूम डाक मंडल ने वीर परिवार और इस प्रेरक पहल को समाज तक पहुंचाने में योगदान देने वाले अमरेंद्र कुमार सिंह को नमन करते हुए कहा कि शहीद किशन दुबे और उनके परिवार का त्याग आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।


