ईरान युद्ध में पाकिस्तान की एंट्री, ट्रंप से बात और शांति की कोशिश… क्या सफल होगी मध्यस्थता?


ईरान : ईरान और अमेरिका के बीच जारी युद्ध के बीच पाकिस्तान ने मध्यस्थता की कोशिशें तेज कर दी हैं। पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने सीधे डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बातचीत की, जबकि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से संपर्क किया। पाकिस्तान ने यहां तक प्रस्ताव दिया है कि जरूरत पड़ने पर इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच बातचीत कराई जा सकती है।

पाकिस्तान ने अमेरिका की ओर से दिया गया 15 सूत्रीय शांति प्रस्ताव भी ईरान तक पहुंचाया, लेकिन तेहरान ने इसे खारिज कर दिया। इस बीच तुर्किए और मिस्र जैसे देश भी बातचीत कराने की कोशिश में जुटे हैं। बढ़ते युद्ध और ऊर्जा संकट के कारण इन देशों की कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और हालात को काबू में लाने की कोशिश जारी है।
हालांकि पाकिस्तान के सामने चुनौती कम नहीं है। ईरान के साथ उसकी सीमा और सऊदी अरब के साथ रक्षा समझौता उसे मुश्किल स्थिति में डाल सकता है। अगर संघर्ष बढ़ता है तो पाकिस्तान सीधे प्रभावित हो सकता है, लेकिन अगर वह दोनों देशों को बातचीत की टेबल पर लाने में सफल होता है तो उसकी वैश्विक छवि मजबूत हो सकती है।


