पहली बार राष्ट्रीय आदिवासी ओलंपियाड की शुरुआत, 29 नवंबर 2026 को होगी परीक्षा


जमशेदपुर : आदिवासी समाज के बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ उनकी संस्कृति, इतिहास और विरासत से जोड़ने के उद्देश्य से ‘प्रथम राष्ट्रीय आदिवासी ओलंपियाड’ की शुरुआत की गई है। लोहरदगा में गुरुवार को आयोजित ‘आदिवासी शिक्षक मित्र मंडली’ की बैठक में ओलंपियाड को लेकर चर्चा हुई। पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था के संयोजक विनोद भगत, बीएस कॉलेज के गणित प्रोफेसर डॉ. अर्जुन लकड़ा और आदिवासी ओलंपियाड टीम के डॉ. विनीत कुमार भगत ने बताया कि प्रतियोगिता कक्षा 6 से 10 तक के विद्यार्थियों के लिए आयोजित होगी। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता विकसित करने के साथ उन्हें सामाजिक मूल्यों और सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराना है।

ओलंपियाड के लिए पंजीकरण 14 सितंबर से शुरू हो चुका है और 31 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। परीक्षा 29 नवंबर 2026 को होगी। पंजीकृत विद्यार्थियों को तैयारी के लिए विशेष अध्ययन सामग्री यानी बुकलेट निःशुल्क दी जाएगी, जिसे वे अपने जिला समन्वयकों से प्राप्त कर सकेंगे। इस पहल से ओडिशा, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, असम और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के स्वयंसेवक और शिक्षाप्रेमी भी जुड़ रहे हैं।
विद्यार्थियों के लिए जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर त्रिस्तरीय पुरस्कार योजना बनाई जा रही है। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्रों को लैपटॉप, टैबलेट या नकद पुरस्कार देने का प्रस्ताव है। बैठक में शिक्षकों, स्वयंसेवकों और सामाजिक संगठनों से लोहरदगा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के अधिक से अधिक बच्चों का नामांकन कराने की अपील की गई। बैठक में शिक्षक मित्र मंडली के सतीश, संतोष, विनोद सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।


