बिहार में परिवारवाद का सियासी सफर, 10 मंत्री आगे बढ़ा रहे पिता-पति की विरासत

0
Advertisements
Advertisements
Advertisements

बिहार: बिहार की राजनीति में एक बार फिर परिवारवाद चर्चा का केंद्र बना हुआ है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल में शामिल 10 मंत्री ऐसे हैं जो अपने पिता या पति की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।

इनमें से 8 मंत्री ऐसे हैं जिनके पिता पहले विधायक या सांसद रह चुके हैं। वहीं, 2 महिला मंत्री ऐसी हैं जो अपने पति के निधन के बाद उनकी सीट से सक्रिय राजनीति में उतरीं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह चलन लोकतंत्र में एक चिंताजनक प्रवृत्ति को दर्शाता है। इससे नए और स्वतंत्र चेहरों के लिए राजनीति में प्रवेश मुश्किल होता दिख रहा है।

हालांकि, इसके पक्ष में यह तर्क भी दिया जाता है कि परिवार के पहले से मौजूद जनसंपर्क और अनुभव का लाभ नए नेताओं को मिलता है। साथ ही, पार्टियों को चुनाव जीतने के लिए सुरक्षित सीटों पर ऐसे उम्मीदवार खड़े करने में फायदा नजर आता है।

बिहार का यह वर्तमान परिदृश्य देश भर में परिवारवाद की बढ़ती पैठ को रेखांकित करता है। यह सवाल महत्वपूर्ण हो जाता है कि क्या यह प्रवृत्ति लोकतंत्र की मूल भावना के अनुकूल है।

Advertisements
https://bashisthaonline.in
Advertisements

Thanks for your Feedback!

You may have missed