वोटर लिस्ट पर सख्ती, नागरिकता सत्यापन के लिए लागू होंगे 3 अहम नियम


रांची : झारखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत 30 जून से 29 जुलाई तक बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि यह प्रक्रिया केवल पात्र भारतीय नागरिकों के लिए होगी। उन्होंने कहा कि गैर-भारतीय नागरिक या भारतीय नागरिकता छोड़ चुके लोग गणना प्रपत्र भरने के बजाय उसे बीएलओ को लौटा दें। गलत जानकारी देकर मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने का प्रयास कानून के तहत दंडनीय अपराध माना जाएगा।


सत्यापन के दौरान मतदाताओं को निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 11 मान्य दस्तावेजों में से किसी एक की प्रति जमा करनी होगी। नागरिकता संबंधी नियम जन्म तिथि के आधार पर लागू होंगे। 1 जुलाई 1987 से पहले भारत में जन्मे व्यक्ति स्वतः भारतीय नागरिक माने जाएंगे। 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्मे व्यक्ति के माता या पिता में से एक का भारतीय नागरिक होना आवश्यक होगा। वहीं 3 दिसंबर 2004 के बाद जन्मे व्यक्ति के लिए दोनों माता-पिता भारतीय नागरिक हों, या यदि एक विदेशी हो तो उसके पास वैध वीजा और पासपोर्ट होना चाहिए तथा वह अवैध अप्रवासी नहीं होना चाहिए। अभियान की निगरानी के लिए प्रमंडलीय आयुक्तों को कम से कम तीन बार औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।


