चार साल बाद सीनेट बैठक, कोल्हान यूनिवर्सिटी ने पेश किया बड़ा बदलाव प्लान

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चाईबासा : लगभग चार साल के लंबे अंतराल के बाद कोल्हान यूनिवर्सिटी की छठी सीनेट बैठक आयोजित की गई, जिसमें विश्वविद्यालय के शैक्षणिक, प्रशासनिक और डिजिटल बदलाव को लेकर व्यापक रोडमैप प्रस्तुत किया गया। बैठक की अध्यक्षता कुलपति प्रो. (डॉ.) अंजिला गुप्ता ने की, जिन्हें राज्यपाल-सह-कुलाधिपति द्वारा नामित किया गया है। इस दौरान 65 में से 57 सीनेट सदस्यों की उपस्थिति रही, जिसमें जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद, नामित सदस्य और छात्र प्रतिनिधि शामिल थे। कार्यक्रम की शुरुआत प्रतीकात्मक रूप से पौधारोपण के साथ की गई, जो विकास और स्थिरता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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बैठक में विश्वविद्यालय के आधुनिकीकरण पर विशेष जोर दिया गया। केंद्रीय पुस्तकालय को पूरी तरह स्वचालित बनाने की योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है, जिससे शोध और अध्ययन की सुविधा बेहतर होगी। इसके अलावा पूरे कैंपस में वाई-फाई सुविधा और सीसीटीवी निगरानी प्रणाली लागू करने के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया, जिससे स्मार्ट कैंपस का विकास संभव हो सके। कुलपति ने बताया कि पिछले एक वर्ष में सिंडिकेट, एकेडमिक काउंसिल और परीक्षा बोर्ड की नियमित बैठकों के जरिए प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है।

इन सुधारों के चलते लंबे समय से लंबित वित्तीय देनदारियों का निपटारा भी किया गया है। व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के शिक्षकों के करीब 11 महीने के वेतन और आउटसोर्स कर्मियों के भुगतान को मंजूरी दी गई, जिससे कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है। साथ ही शिक्षकों के लंबित प्रमोशन और वेतन वृद्धि से जुड़े मामलों को भी सुलझाया गया है, जबकि गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों के प्रमोशन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

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शैक्षणिक ढांचे को मजबूत करने के लिए विश्वविद्यालय ने स्नातकोत्तर विभागों और संबद्ध कॉलेजों में प्रयोगशाला उपकरणों की आवश्यकता का आकलन शुरू किया है, ताकि अगले सत्र से छात्रों को बेहतर प्रैक्टिकल शिक्षा मिल सके। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत पुस्तकालय संसाधनों के विस्तार पर भी काम किया जा रहा है, जिसमें विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए नई पुस्तकों की खरीद की जा रही है।

डिजिटल क्षेत्र में विश्वविद्यालय ने ‘ई-समर्थ’ मैनेजमेंट सिस्टम को अपनाया है, जिससे वेतन, पेंशन, छात्र डेटा और प्रशासनिक कार्यों को ऑनलाइन और सुव्यवस्थित किया जा सकेगा। अधिकारियों के अनुसार, डिजिटल इंटीग्रेशन के मामले में विश्वविद्यालय राज्य के अग्रणी संस्थानों में शामिल हो रहा है।

इसके अलावा कोल्हान क्षेत्र में उच्च शिक्षा के विस्तार को लेकर भी चर्चा हुई। मझगांव, मनोहरपुर, खरसावां, चाकुलिया सहित कई क्षेत्रों में नए डिग्री कॉलेजों का निर्माण किया जा रहा है, जिससे दूर-दराज के छात्रों को उच्च शिक्षा तक आसान पहुंच मिल सकेगी।

बैठक में आठ प्रमुख एजेंडों पर चर्चा करते हुए पारदर्शिता, निरंतर सुधार और छात्र-केंद्रित नीतियों पर जोर दिया गया। लंबे समय बाद आयोजित इस बैठक ने विश्वविद्यालय की निर्णय प्रक्रिया को फिर से सक्रिय करने के साथ-साथ भविष्य में विकास, नवाचार और जवाबदेही की नई दिशा तय की है।

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