शराबबंदी पर फिर छिड़ा सियासी बवाल, विधायकों की मांग—कानून खत्म करो, राजस्व नुकसान से सरकार पर दबाव


पटना : बिहार में शराबबंदी कानून को लेकर एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। एनडीए के विधायक अनंत सिंह और माधव आनंद ने इस कानून को खत्म करने या इसकी समीक्षा करने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि शराबबंदी से राज्य को भारी राजस्व नुकसान हो रहा है और इसका फायदा दूसरे राज्यों को मिल रहा है।

माधव आनंद ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात कर कहा कि अब समय आ गया है कि इस कानून की प्रभावशीलता पर गंभीरता से विचार किया जाए। उनका तर्क है कि पूर्ण शराबबंदी के बजाय नशामुक्ति जागरूकता अभियान ज्यादा कारगर हो सकता है। वहीं अनंत सिंह ने भी खुले तौर पर शराबबंदी हटाने की वकालत की है।
हालांकि सरकार की ओर से इस मुद्दे पर अभी कोई आधिकारिक फैसला नहीं लिया गया है। लेकिन नए मुख्यमंत्री के पद संभालने के बाद इस विषय पर बहस तेज हो गई है और आने वाले समय में इसे लेकर बड़ा निर्णय होने की संभावना जताई जा रही है।


