लैंडमाइन विस्फोट से वाहनों की सुरक्षा के लिए एनएमएल ने विकसित की स्वदेशी आर्मर स्टील प्लेट

जमशेदपुर : नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में वीआइपी और सुरक्षा बलों के वाहनों को लैंडमाइन विस्फोट से बचाने के लिए सीएसआइआर-राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (एनएमएल) ने विशेष स्वदेशी आर्मर स्टील प्लेट विकसित की है। एनएमएल के डायरेक्टर डॉ. संदीप चौधुरी घोष के अनुसार यह प्लेट माइन ब्लास्ट की ऊर्जा को सोखने के लिए तैयार की गई है। अभी ऐसी प्लेटें विदेशों से आयात करनी पड़ती हैं। एनएमएल की इस तकनीक को डीआरडीओ ने प्रमाणित किया है और अब मिधानी के सहयोग से बड़े आकार की प्लेटें तैयार की जा रही हैं। भारत फोर्ज भी इसके उपयोग की दिशा में काम कर रहा है।

एनएमएल रक्षा क्षेत्र के साथ क्रिटिकल मिनरल्स में आत्मनिर्भरता के लिए भी तकनीक विकसित कर रहा है। प्रयोगशाला बेकार सोलर पैनल और एलईडी स्क्रीन से सिलिकॉन को 7एन शुद्धता तक, इरिडियम और जर्मेनियम जैसी बहुमूल्य धातुएं निकालने पर काम कर रही है। मोबाइल फोन और बैटरियों की रीसाइक्लिंग के जरिए देश में खनिजों का स्टॉक तैयार करने का भी लक्ष्य है।
डॉ. घोष ने बताया कि हिंदुस्तान जिंक (वेदांता) के साथ जिंक उत्पादन के बायप्रोडक्ट से चांदी निकालने की प्रक्रिया भी तैयार की गई है। इस पर्यावरण अनुकूल विधि में सामान्य खदान प्रक्रिया की तुलना में कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन सात गुना (1/7) कम होता है। एनएमएल ऐसे परमानेंट मैग्नेट पर भी काम कर रहा है, जिनमें हेवी रेयर अर्थ एलिमेंट की जरूरत कम हो।


