झील में बन रहा फ्लोटिंग रेस्टोरेंट, पर्यावरण और खर्च को लेकर उठे सवाल

हजारीबाग : नगर निगम झील सौंदर्यीकरण फेज-2 के तहत ऐतिहासिक झील में फ्लोटिंग रेस्टोरेंट तैयार कर रहा है, जिसे अक्टूबर में दशहरा तक शुरू करने की तैयारी है। दो मंजिला रेस्टोरेंट में करीब 50 से 70 लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी। इसे पीपीपी मॉडल पर संचालित करने की योजना है और निजी डेवलपर को 15 साल तक संचालन का अधिकार मिलेगा। करीब ₹13.97 करोड़ की पूरी सौंदर्यीकरण परियोजना में डिसिल्टिंग, आइलैंड, हैंगिंग ब्रिज, गजीबो, म्यूजिकल फाउंटेन और फ्लोटिंग रेस्टोरेंट समेत कई काम शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक, सिर्फ रेस्टोरेंट के स्ट्रक्चर पर करीब ₹2 से 2.5 करोड़ खर्च होने का अनुमान है।


दूसरी ओर पर्यावरण प्रेमियों ने तेल, खाद्य अपशिष्ट और अन्य कचरे से झील के प्रदूषित होने की आशंका जताई है। कांग्रेस प्रदेश महासचिव सुरजीत नागवाला ने परियोजना की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए तकनीकी और वित्तीय ऑडिट की मांग की है। नगर निगम ने आरोपों को स्वीकार नहीं करते हुए कहा है कि निर्माण निर्धारित मानकों के अनुसार हो रहा है। झील किनारे कारोबार करने वाले करीब 15 से 20 वेंडर्स ने भी अपने कारोबार पर असर पड़ने की चिंता जताई है।
नगर निगम के अनुसार रेस्टोरेंट में बायो-टॉयलेट, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम और नियमित निगरानी की व्यवस्था होगी, ताकि कचरा झील में न पहुंचे। अधिकारियों का दावा है कि परियोजना से पर्यटन और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा नगर निगम को हर महीने लाखों रुपये का किराया मिलेगा।


