दिल्ली पुलिस का ‘ऑपरेशन मिलाप’, नवंबर महीने में 84 लापता लोगों को उनके परिजनों से मिलाया

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दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने ऑपरेशन मिलाप के तहत लापता और अपहृत 84 लोगों को उनके परिवारों से मिलाया। इनमें 30 बच्चे भी शामिल हैं।अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि यह आंकड़ा नवंबर महीने का है। अधिकारियों ने बताया कि इसके साथ ही इस वर्ष जिला पुलिस द्वारा बचाए गए कुल लोगोंकी संख्या 1,201 तक पहुंच गई है, जिसमें 399 बच्चे और 882 वयस्क शामिल हैं।दिल्ली पुलिस के अनुसार 1 से 30 नवंबर तक चलाए गए इस सफल ऑपरेशन में 30 लापता और अपहृत बच्चों और 54 लापता वयस्कों की सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित कराई गई।
दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि लापता लोगों की रिपोर्ट जैसे ही पुलिस को मिलती है, उसके बाद स्थानीय पुलिस टीमों ने सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया था। इसमें सीसीटीवी फुटेज की जांच, ऑटो, बस स्टैंडों और रेलवे स्टेशनों की तस्वीरों की जांच, बस चालक से पूछताछ और स्थानीय मुखबिरों को शामिल करने जैसे बहुआयामी दृष्टिकोण अपनाए गए। इसके अलावा आसपास के थानों और अस्पतालों के रिकॉर्ड की भी व्यापक जांच की गई।
इस दौरान, पुलिस स्टेशन कपासहेड़ा के स्टाफ ने 10 से 18 साल के नौ लापता बच्चों (एक लड़का और आठ लड़कियों) का पता लगाया। उन्होंने 14 लापता लोगों का भी पता लगाया, जिनमें आठ पुरुष और छह महिलाएं शामिल थीं।
इसके बाद पुलिस स्टेशन पालम गांव की टीम ने इसी उम्र के चार लापता बच्चों, दो लड़कों और दो लड़कियों का पता लगाया और पुलिस स्टेशन वसंत कुंज नॉर्थ के स्टाफ ने 10 से 18 साल की दो लापता लड़कियों के साथ-साथ दो लापता वयस्कों, एक पुरुष और एक महिला का पता लगाया था।
वहीं पुलिस स्टेशन सागरपुर के कर्मचारियों ने आठ लापता लोगों का पता लगाया, जिनमें तीन पुरुष और पांच महिलाएं शामिल थीं। पुलिस स्टेशन किशनगढ़ ने 10 से 18 साल की दो लापता लड़कियों का पता लगाया, इसके अलावा सात लापता वयस्कों का भी पता लगाया, जिनमें चार पुरुष और तीन महिलाएं शामिल थीं।
पुलिस स्टेशन वसंत कुंज साउथ के स्टाफ ने 10 से 18 साल के तीन लापता बच्चों (दो लड़के और एक लड़की) के साथ-साथ पांच लापता को भी ढूंढ निकाला, जिनमें तीन लड़के और दो लड़कियां शामिल थीं। इसके साथ कई पुलिस स्टेशनों से लोगों को खोजा गया है।

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