20 साल से नौकरी कर रहे 7 कर्मचारियों को बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने नियमित करने का दिया आदेश



रांची : झारखंड हाईकोर्ट ने आईआईटी (आईएसएम) धनबाद में पिछले दो दशकों से दैनिक वेतन और आउटसोर्सिंग व्यवस्था के तहत काम कर रहे सात कर्मचारियों के पक्ष में अहम फैसला सुनाया है। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने संस्थान को सभी कर्मचारियों की सेवाएं तत्काल नियमित (परमानेंट) करने का निर्देश दिया है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि स्वीकृत पद उपलब्ध नहीं हैं तो नए पद सृजित कर कर्मचारियों का नियमितीकरण किया जाए। साथ ही उनकी पूर्व सेवा अवधि को पेंशन, अवकाश और अन्य सेवानिवृत्ति लाभों के लिए निरंतर सेवा माना जाएगा।अदालत ने कर्मचारियों की शैक्षणिक योग्यता को आधार बनाकर नियमितीकरण से इनकार करने की दलील को खारिज करते हुए कहा कि 20 वर्षों तक लगातार सेवा देने वाले कर्मचारियों के मामले में इस तरह की तकनीकी आपत्ति स्वीकार नहीं की जा सकती। कोर्ट ने कहा कि आउटसोर्सिंग का इस्तेमाल कर्मचारियों के नियमितीकरण के अधिकार से बचने का माध्यम नहीं बन सकता। यह मामला वर्ष 2020 में दायर याचिका से जुड़ा है, जिसमें सात कर्मचारियों ने वर्ष 2017 में आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से नियुक्ति किए जाने को चुनौती दी थी। फैसले में सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्णयों का भी हवाला दिया गया।




