सीआईएसएफ डीआईजी शिप्रा श्रीवास्तव और आयकर अधिकारी पति पर CBI की FIR, आय से 57.10% अधिक संपत्ति का आरोप
सम्पादक :- अभिषेक मिश्रा / Posted by Puja Deb September 18, 2026


नई दिल्ली : केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने आय से अधिक संपत्ति के एक मामले में सीआईएसएफ की डीआईजी शिप्रा श्रीवास्तव और उनके पति जीवनलाल लाविदिया के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है। सीबीआई की एफआईआर के अनुसार मुख्य आरोप जीवनलाल लाविदिया पर है, जबकि शिप्रा श्रीवास्तव पर कथित रूप से इस संपत्ति के अर्जन में सहयोग और उकसाने का आरोप लगाया गया है। फिलहाल ये सभी आरोप जांच के अधीन हैं और न्यायालय में सिद्ध नहीं हुए हैं।


जीवनलाल लाविदिया भारतीय राजस्व सेवा के 2004 बैच के अधिकारी हैं और हैदराबाद में आयकर आयुक्त (छूट) के पद पर रहे हैं। एफआईआर में कहा गया है कि उन्हें कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स (अपील), यूनिट-8 और यूनिट-7 का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया था। वहीं शिप्रा श्रीवास्तव सीआईएसएफ में वरिष्ठ अधिकारी हैं और वर्तमान में गुवाहाटी स्थित नॉर्थ ईस्ट सेक्टर मुख्यालय में डीआईजी के पद पर तैनात बताई गई हैं।
1 अप्रैल 2022 से 10 मई 2025 तक की आय और संपत्ति की हुई जांच
सीबीआई ने मामले में 1 अप्रैल 2022 से 10 मई 2025 की अवधि को जांच के लिए आधार बनाया है। एजेंसी के अनुसार इस अवधि में ज्ञात स्रोतों से कुल आय 1,95,74,358 रुपये आंकी गई, जबकि संपत्ति और खर्च का कुल मूल्य 3,07,52,247 रुपये बताया गया। इस आधार पर 1,11,77,889 रुपये की कथित आय से अधिक संपत्ति का अंतर सामने आया, जो ज्ञात आय के मुकाबले 57.10 प्रतिशत बताया गया है।
सीबीआई के अनुसार जांच अवधि के अंत में जीवनलाल लाविदिया और उनके परिवार की कुल संपत्ति का मूल्य करीब 4,31,60,820 रुपये आंका गया। एजेंसी अब यह जांच कर रही है कि इन संपत्तियों और खर्चों के स्रोत क्या थे और क्या इनके लिए वैध आय के स्रोतों से संतोषजनक हिसाब दिया जा सकता है।
पहले के मामले की जांच से सामने आए संपत्ति से जुड़े दस्तावेज
एफआईआर के मुताबिक इससे पहले 9 मई 2025 को जीवनलाल लाविदिया और अन्य के खिलाफ एक अलग सीबीआई मामला दर्ज किया गया था। वह मामला अपील से जुड़े मामलों में कथित अनुचित लाभ लेने के आरोपों से संबंधित था। उसी जांच के दौरान विभिन्न ठिकानों पर तलाशी ली गई थी, जिसमें चल-अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज मिलने का दावा किया गया।
सीबीआई के अनुसार दिल्ली स्थित आवास से संपत्तियों से संबंधित कुछ रफ शीट और 54 लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए थे। बाद में इन्हीं दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड के आधार पर आय से अधिक संपत्ति से जुड़ी अलग जांच आगे बढ़ाई गई।
पत्नी शिप्रा श्रीवास्तव पर सहयोग करने का आरोप
सीबीआई की प्राथमिकी में आरोप है कि शिप्रा श्रीवास्तव ने अपने पति को कथित आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने में सहयोग किया। एजेंसी ने जीवनलाल लाविदिया के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(2) सहपठित 13(1)(b) के तहत मामला दर्ज किया है। शिप्रा श्रीवास्तव के खिलाफ धारा 12 के साथ संबंधित प्रावधान लगाए गए हैं।
मामले की जांच सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांच-III, नई दिल्ली द्वारा की जा रही है। एफआईआर 10 सितंबर को दर्ज की गई थी। जांच एजेंसी अब बैंक खातों, वित्तीय लेनदेन, चल-अचल संपत्तियों और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच कर रही है।


