महुआडांड़ के सोहर में 27 जून को गूंजेंगी शहनाइयां, प्रेरणा परमार्थ आश्रम कराएगा दर्जनों आदिवासी जोड़ों का दहेज मुक्त सामूहिक विवाह






महुआडांड़, लातेहार: हर साल की परंपरा को निभाते हुए इस वर्ष भी 27 जून को सोहर में सामूहिक विवाह का पवित्र आयोजन होने जा रहा है। प्रेरणा परमार्थ आश्रम के तत्वावधान में दर्जनों आदिवासी युवक-युवतियां दहेज मुक्त माहौल में एक-दूजे के होंगे। आयोजन की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं।


आयोजन की मुख्य विशेषताएं
1. उद्देश्य: आर्थिक रूप से कमजोर आदिवासी परिवारों की मदद करना, दहेज प्रथा को जड़ से खत्म कर दहेज मुक्त समाज का निर्माण करना और विवाह में आदिवासी संस्कृति, परंपरा व रीति-रिवाजों को जीवित रखना।
2. संकल्प: आश्रम के संचालक ने कहा, _”पैसे के अभाव में किसी भी गरीब आदिवासी बेटी की शादी नहीं रुकेगी। आश्रम परिवार हर साल ऐसे आयोजनों की पूरी जिम्मेदारी उठाएगा।
3. सहयोग: आश्रम के सदस्य, स्थानीय समाजसेवी और दानदाताओं के सहयोग से वर-वधू को घर-गृहस्थी का जरूरी सामान, वस्त्र और उपहार दिए जाएंगे।
तैयारी जोरों पर
आश्रम परिसर में मंडप सजाने, भोजन व्यवस्था और सांस्कृतिक कार्यक्रम की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। दर्जनों जोड़ों का पंजीकरण पूरा हो चुका है। विवाह पूरी तरह आदिवासी परंपरा के अनुसार मंत्रोच्चार, मांदर की थाप और लोक नृत्य के बीच संपन्न होगा।
समाज को संदेश
आश्रम ने पूरे इलाके में संदेश दिया है कि शादी में फिजूलखर्ची और दहेज जैसी
कुरीतियों को खत्म कर सादगी को अपनाएं। इस पहल से गरीब परिवारों पर से कर्ज का बोझ हटेगा और बेटियों को सम्मान मिलेगा।


