‘जान देंगे, जमीन नहीं देंगे’, रिंग रोड के लिए भूमि अधिग्रहण पर किसानों का विरोध; उचित मुआवजे की मांग

Advertisements
Advertisements
Advertisements
Advertisements
Advertisements
Advertisements

पटना : शेरपुर-कन्हौली-दिघवारा रिंग रोड परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण को लेकर शनिवार को मनेर के बलुआ गांव के पास किसानों और प्रशासन के बीच तनाव की स्थिति बन गई। भू-अर्जन पदाधिकारी लौकेश कुमार और अंचलाधिकारी पूजा कुमारी की टीम जमीन पर दखल-कब्जा दिलाने पहुंची थी, लेकिन बड़ी संख्या में मौजूद किसानों ने कार्रवाई का विरोध कर उसे रुकवा दिया। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी जमीन का उचित मुआवजा तय नहीं किया जाता, तब तक वे जमीन देने के लिए तैयार नहीं होंगे।

Advertisements
https://bashisthaonline.in
Advertisements
Advertisements

किसानों ने आरोप लगाया कि बलुआ, गोपालपुर, मौला नरहन्ना समेत रिंग रोड से प्रभावित गांवों की जमीन का मुआवजा वास्तविक बाजार और आवासीय दर के अनुरूप नहीं दिया जा रहा है। उनका दावा है कि कई जगह जमीन की प्रकृति और उपयोग आवासीय होने के बावजूद कृषि आधारित दर से मुआवजा तय किया जा रहा है। किसानों ने प्रशासनिक अधिकारियों के सामने स्पष्ट कहा कि कम मुआवजे पर जमीन लेना उनके साथ अन्याय होगा। विरोध के दौरान किसानों ने नारा दिया, “जान देंगे, जमीन नहीं देंगे।”

बीस सूत्री कार्यान्वयन समिति के अध्यक्ष अनिल सिंह ने कहा कि प्रभावित किसान उचित मुआवजे की मांग पर एकजुट हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा। किसानों का कहना है कि वे विकास परियोजना का विरोध नहीं कर रहे, लेकिन जमीन की उचित कीमत और न्यायपूर्ण मुआवजा उनका अधिकार है।

अंचलाधिकारी पूजा कुमारी ने बताया कि कन्हौली प्रोजेक्ट के तहत रिंग रोड बलुआ और बांक नरहन्ना समेत संबंधित क्षेत्रों से होकर गुजरना है। जमीन का दखल-कब्जा दिलाने के लिए प्रशासनिक टीम की प्रतिनियुक्ति की गई थी और उन्हें मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात किया गया था। मौके पर किसानों के विरोध के बाद कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी। किसानों ने मुआवजा राशि बढ़ने के बाद ही जमीन पर काम शुरू करने की सहमति देने की बात कही है।

See also  ‘वंदे मातरम्’ की विरासत देशभर तक ले जाएगी BJP, राष्ट्रीय बैठक में विशेष अभियान का फैसला

प्रशासन के अनुसार मामला फिलहाल कमिश्नर स्तर पर विचाराधीन है और वहां से निर्देश मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। मौके पर अनिल कुमार, भारत भूषण, कन्हैया किशोर शरण, मयंक कुमार, संजय शर्मा, सुनील यादव, धर्मेंद्र कुमार, दीपक कुमार, जितेंद्र कुमार और सुनील सिंह समेत सैकड़ों किसान मौजूद रहे।

 

About The Author

You may have missed