बारामती प्लेन क्रैश रिपोर्ट पर बवाल: रोहित पवार ने उठाए बड़े सवाल, जांच पर लगाए गंभीर आरोप

0
Advertisements
Advertisements
Advertisements

नई दिल्ली : बारामती विमान दुर्घटना की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। एनसीपी (एसपी) के विधायक रोहित पवार ने रिपोर्ट में कई गंभीर खामियां होने का आरोप लगाया है और कहा है कि इससे जांच की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं।

Advertisements
https://bashisthaonline.in
Advertisements

उन्होंने दावा किया कि रिपोर्ट में कई असंगतियां हैं और इससे यह आशंका पैदा होती है कि चार्टर कंपनी वीएसआर वेंचर्स और नागरिक उड्डयन नियामक डीजीसीए के कुछ अधिकारियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। बुधवार को उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से रिपोर्ट की आलोचना की।

यह हादसा 28 जनवरी को हुआ था, जब वीएसआर वेंचर्स द्वारा संचालित एक लियरजेट विमान बारामती एयरफील्ड पर लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस दुर्घटना में पांच लोगों की मौत हो गई थी।

एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो द्वारा जारी प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा गया कि पायलटों ने स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर का सही तरीके से पालन नहीं किया। इसके साथ ही कम दृश्यता और अनियंत्रित एयरफील्ड पर मौसम से जुड़ी सुविधाओं की कमी को भी दुर्घटना की संभावित वजह बताया गया।

रोहित पवार ने रिपोर्ट में बताए गए क्रैश के क्रम पर भी सवाल उठाए। रिपोर्ट में कहा गया है कि विमान पहले पेड़ों से टकराया और फिर दुर्घटनाग्रस्त हुआ, लेकिन उनका कहना है कि जिस स्थान का उल्लेख किया गया है वहां पेड़ मौजूद ही नहीं हैं। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज का हवाला देते हुए कहा कि उसमें विमान बाईं ओर तेजी से झुकता दिखाई देता है, जबकि रिपोर्ट में दाईं ओर झुकने का उल्लेख है।

See also  पश्चिम बंगाल मंत्रिमंडल का बड़ा विस्तार, 35 नए मंत्रियों ने ली शपथ

ब्लैक बॉक्स को लेकर भी उन्होंने रिपोर्ट पर सवाल खड़े किए। रिपोर्ट में कहा गया कि कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर को थर्मल डैमेज हुआ है। हालांकि पवार ने मलबे से निकाले गए ब्लैक बॉक्स की तस्वीरें दिखाते हुए कहा कि उनमें जलने या अधिक गर्मी से नुकसान के स्पष्ट निशान दिखाई नहीं देते।

इसके अलावा उन्होंने रिपोर्ट में जांचकर्ता के हस्ताक्षर न होने, फ्लाइट प्लान देर से दाखिल करने और उड़ान से पहले उसमें बदलाव किए जाने जैसे मुद्दों पर भी सवाल उठाए। क्रू में आखिरी समय पर बदलाव और इस रूट के लिए जरूरत से ज्यादा ईंधन लोड करने को लेकर भी उन्होंने जांच की मांग की।

मौसम और एयर ट्रैफिक कंट्रोल की भूमिका पर भी उन्होंने सवाल उठाए। उनका कहना है कि यदि दृश्यता निर्धारित न्यूनतम मानक से कम थी, तो विमान को बारामती जाने की अनुमति क्यों दी गई। उन्होंने पूछा कि विमान को पुणे या मुंबई की ओर डायवर्ट क्यों नहीं किया गया।

इन सवालों के बाद बारामती विमान दुर्घटना की जांच और उसकी रिपोर्ट को लेकर राजनीतिक और तकनीकी बहस तेज हो गई है।

Thanks for your Feedback!

You may have missed