टाटानगर में अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक

0
Advertisements
Advertisements
Advertisements

जमशेदपुर : अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक टाटानगर में आज प्रातः 9 बजे खास महल के श्रीमहल प्रांगण में प्रारंभ हुई। ग्राहक पंचायत देश का सबसे बड़ा ग्राहक संगठन है। जिसकी पूरे देश के विभिन्न राज्यों में 500 से अधिक शाखाएं हैं। वर्षों से ग्राहकों को न्याय दिलाने के क्षेत्र में कार्यरत ग्राहक पंचायत को देश में ग्राहक कानून 1986 बनवाने तथा 24 दिसंबर को केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय ग्राहक दिन घोषित करवाने का श्रेय जाता है।

Advertisements
https://bashisthaonline.in
Advertisements
Advertisements

राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक का उद्घाटन ग्राहक पंचायत के अध्यक्ष नारायण भाई शाह द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। राष्ट्रीय संगठन मंत्री दिनकर सबनीस ने उद्घाटन अवसर पर कहा कि इस बैठक में हम 8,9 व 10 सितंबर को दिल्ली में होने वाले अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के स्वर्ण जयंती वर्ष कार्यक्रम को मनाने के बारे में चर्चा करेंगे। दिल्ली में होने वाले स्वर्ण जयंती उद्घाटन समारोह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक श्री मोहन भागवत जी मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित रहेंगे।

टाटानगर में ग्राहक पंचायत की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक 24 व 25 जून को चलेगी। इस बैठक में देशभर से आए ग्राहक पंचायत के प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। जो ग्राहक पंचायत के कार्य को पूरे देश में तहसील स्तर तक पहुंचाने के विषय में चर्चा करेंगे। संगठनात्मक चर्चा के साथ ही संपूर्ण देश से आए ग्राहक प्रतिनिधि MRP नीति, उपभोक्तावाद के कारण हो रहे सांस्कृतिक प्रदूषण, बाजार में ग्राहकों के द्वारा खरीदारी के समय अपनाई जाने वाली सजगता तथा देश में अक्षय ऊर्जा की आवश्यकता और उपयोगिता आदि विषयों पर भी विस्तृत चर्चा की जाएगी। चर्चा द्वारा प्राप्त निष्कर्षों को ग्राहक पंचायत स्वर्ण जयंती वर्ष के दौरान पूरे वर्ष देश की सरकार और ग्राहकों के समक्ष रखेगी।

See also  सरकारी मदद पर संकट, कर्मचारियों ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी

ग्राहक पंचायत लंबे समय से सरकार से MRP नीति सुसंगत बनाने की मांग कर रही है। वर्तमान में सरकार द्वारा डब्बा बंद वस्तुओं पर MRP लिखने की अनिवार्यता तो की गई है। परंतु उत्पादक यह MRP किस आधार पर और किस सूत्र द्वारा गणना कर कितनी लिखें, इसके बारे में कोई सूत्र सरकार द्वारा नहीं बनाया गया है। सरकार द्वारा MRP नीति का सूत्र न बनाए जाने के कारण, उत्पादक अपने उत्पादन पर कुछ भी असंगत MRP लिख रहे हैं। ग्राहक पंचायत की मांग है कि सरकार अर्थशास्त्र की नीतियों के अनुरूप एक सूत्र बनाए जिसके आधार पर उत्पादक अपने उत्पादन पर MRP अंकित करें ताकि ग्राहकों को लूट से बचाया जा सके। आगामी स्वर्ण जयंती वर्ष में ग्राहक पंचायत पूरे देश में इस विषय को गंभीरता से ले जाएगी। इसी के साथ अन्य विषयों पर भी देशभर में चर्चाओं के द्वारा ग्राहक पंचायत पूरे वर्ष ग्राहकों के बीच सकारात्मक वातावरण बनाने का प्रयास करेगी।

About The Author

Thanks for your Feedback!

You may have missed