सवाल उठाने पर पद से हटाने की मिली थी धमकी, JPSC विवाद पर अनिमा हांसदा का बड़ा खुलासा

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रांची : झारखंड लोक सेवा आयोग से जुड़े विवादों के बीच पूर्व सदस्य अनिमा हांसदा ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि टीडीपीएल एजेंसी के चयन में उनकी कोई भूमिका नहीं थी और वह एजेंसी से जुड़े अभय तिवारी समेत किसी व्यक्ति को नहीं जानती हैं। हांसदा के अनुसार उन्होंने आयोग में कथित गड़बड़ियों और त्रुटियों की जानकारी सरकार तक पहुंचाने की कोशिश की थी। उन्होंने 16 जून 2026 को मुख्यमंत्री से मिलने का समय मांगा था, जबकि 17 जून को उच्च शिक्षा मंत्री को भी मामले की जानकारी देने का प्रयास किया। बाद में 22 जुलाई को सभी सदस्यों को इस्तीफा देने का निर्देश मिला।

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अनिमा हांसदा ने दावा किया कि एजेंसी के चयन को लेकर सवाल पूछने पर तत्कालीन अध्यक्ष ने उनके खिलाफ टिप्पणी की और विरोध करने पर राज्यपाल से शिकायत कर सदस्य पद से हटवाने की धमकी दी। उन्होंने यह भी कहा कि 11वीं और 13वीं सिविल सेवा मुख्य परीक्षा के परिणामों में त्रुटियां होने के कारण उन्होंने उन पर हस्ताक्षर नहीं किए और स्क्रूटनी करने से भी इनकार कर दिया। इसके बाद उनसे शो-कॉज पूछा गया था। पूर्व अध्यक्ष नीलिमा केरकेट्टा पर भी उन्होंने कुरमाली का रिजल्ट बदलने का दबाव बनाने का आरोप लगाया।

हांसदा ने अपने ऊपर लगे कोचिंग सिंडिकेट और पैसे के लेन-देन से जुड़े सभी आरोपों को गलत, बेबुनियाद और मनगढ़ंत बताया। उनका कहना है कि वह अभय तिवारी, रामवीर सिंह, आदित्य पांडेय या पतंजलि कोचिंग के संचालक रवि कुमार को नहीं जानती हैं और किसी अभ्यर्थी को पैसे लेकर पास कराने या किसी तरह के लेन-देन में उनकी कोई भूमिका नहीं रही है।

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