नानी बाई की कठिनाई और भगवान पर अटूट विश्वास के वर्णन ने श्रद्धालुओं को किया भावविभोर

0
Advertisements
Advertisements

जमशेदपुर: भक्त को भगवान से सीघे जोड़ने वाली नानी बाई रो मायरो धार्मिक कथा के दूसरे दिन बुधवार को विश्वविख्यात आध्यात्मिक प्रवक्ता पूज्या जया किशोरी ने व्यास पीठ से अपनी सुमधुर वाणी से कुमकुम पत्रिका का पहुॅचना, नरसी मेहता का अंजार नगर प्रस्थान और श्रीकृष्ण नरसी मेहता मिलन की कथा का विस्तार से भावपूर्ण वर्णन किया। कथा में नानी बाई की कठिनाई और भगवान पर अटूट विश्वास का वर्णन श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। जया किशोरी ने कहा कि कुमकुम पत्रिका भेजने की परंपरा के माध्यम से नरसी जी (नानी बाई के पिता) को मायरे (भात) का निमंत्रण दिया गया। बाजा-गाजा के साथ भेजा गया यह निमंत्रण न केवल रस्म का प्रतीक था, बल्कि कथा में भावनात्मक और भक्तिपूर्ण वातावरण भी निर्मित करता है। कथावाचक ने बताया कि जब नरसी मेहता को यह निमंत्रण मिला, तो उन्होंने बिना किसी सांसारिक चिंता के प्रभु भरोसे अंजार नगर के लिए प्रस्थान किया। इस दौरान भगवान कृष्ण ने स्वयं नरसी मेहता को केदार का राग और तुलसी की माला भेंट की, साथ ही वादा किया कि जब भी नरसी मेहता इस राग का गायन करेंगे, वे अपने सारे काम छोड़कर तुरंत उनके पास आ जाएंगे। कथा में एक अद्भुत प्रसंग यह भी आया कि भगवान कृष्ण ने नरसी जी की बैलगाड़ी स्वयं खाती (बढ़ई) का रूप धारण कर ठीक की और उन्हें अंजार नगर पहुँचाया। जया किशोरी जी ने भजन- गाड़ी में बिठा ले रे बाबा… के माध्यम से यह दर्शाया कि भगवान अपने भक्त का भार उठाते हैं। उन्होंने कहा कि यह कथा भक्तिपूर्ण निश्चल भक्ति, भगवान के अपने भक्त के प्रति प्रेम और विश्वास की शक्ति का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करती है और श्रद्धालुओं को भक्ति मार्ग पर चलने तथा ईश्वर पर पूर्ण विश्वास रखने की प्रेरणा देती है। तीन दिवसीय कथा का आयोजन शहर की सामाजिक एवं धार्मिक संस्था नारायणी सेवा ट्रस्ट जमशेदपुर द्धारा साकची स्थित चंदूलाल अशोक कुमार भालोटिया सभागर, बोधि मंदिर मैदान (राजेन्द्र विद्यालय के बगल में) किया जा रहा हैं, जो 02 अप्रैल गुरूवार को समापन होगा। दूसरे दिन भी कथा का आरंभ होने से पहले विधिवत पूजा-अर्चना यजमानों द्धारा की गई। कोलकाता से आये आचार्य अभिषेक तिवारी ने पूजा करायी। व्यास पीठ पर जया किशोरी के विराजमान होने के बाद पारंपरिक रूप से उनका स्वागत सत्कार किया गया। कथा में तीसरे दिन गुरूवार 2 अप्रैल को जया किशोरी अपनी सुमधुर वाणी से नानी बाई एवं नरसी मेहता मिलन, श्री कृष्ण रूकमणी सहित मायरा भरने की कथा का वाचन करेगी। जया किशोरी जी की सुमधुर वाणी से कथा सुनने के लिए पूरा पंडाल भरा हुआ था, लगभग तीन हजार से अधिक श्रद्धालुगण उपस्थित थे। बुधवार को भी कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रमुख रूप से राजकुमार चंदूका, राजकुमार संघी, कैलाश सरायवाला, विजय मित्तल, अनिल नरेडी, ललित सरायवाला, अभिषेक अग्रवाल गोल्डी, नवीन पोद्दार, किशन सोंथालिया, अभिषेक भालोटिया, रोहित अग्रवाल, राम रतन कांवटिया, समीर दिवान, अजय खेमका, अजय अग्रवाल, नेहा सोंथालिया, मेघा चौधरी, स्नेहा अग्रवाल, कृतिका गुप्ता, रिंकी भालोटिया, विजय लक्ष्मी भालोटिया आदि का योगदान रहा।

Advertisements
https://bashisthaonline.in
Advertisements

Thanks for your Feedback!

You may have missed