फर्जी खतियान-वंशावली से वोटर बनने की कोशिश पर सख्ती, विदेशी नागरिकों का नाम कटेगा



रांची : झारखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान मतदाता सूची में फर्जी दस्तावेजों के सहारे नाम जुड़वाने की कोशिशों को लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को सतर्क किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जिनमें विदेशी नागरिक भारतीय परिवारों के खतियान या वंशावली में छेड़छाड़ कर खुद को उनका वंशज बताते हुए मतदाता सूची में नाम शामिल कराने का प्रयास कर रहे हैं। अधिकारियों को उम्र और पारिवारिक संबंधों से जुड़ी तार्किक विसंगतियों की सुनवाई गंभीरता, पारदर्शिता और सावधानी के साथ करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी पात्र भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची से नहीं छूटना चाहिए और किसी अपात्र या विदेशी नागरिक को इसमें शामिल नहीं होने दिया जाएगा।


मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि यदि किसी मतदाता या स्थानीय व्यक्ति को ऐसे मामले की जानकारी मिलती है तो संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी को तुरंत सूचना दी जाए। विदेशी नागरिक के मतदाता सूची में शामिल होने या नाम जोड़ने के प्रयास पर फॉर्म-7 के जरिए आपत्ति भी दर्ज कराई जा सकती है। गलत घोषणा या झूठे विवरण के आधार पर मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने पर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। निर्वाचन तंत्र का उद्देश्य दस्तावेजों की जांच कर मतदाता सूची को शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है।


