मतदाता सूची के लिए 7 से 9 अक्टूबर तक विशेष कैंप, 10 अक्टूबर को हर बूथ पर मेगा हेल्पडेस्क

रांची : विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के तहत मतदाता सूची में नाम जुड़वाने से वंचित पात्र नागरिकों के लिए निर्वाचन आयोग ने तीन दिवसीय विशेष अभियान शुरू करने का फैसला लिया है। 7 से 9 अक्टूबर तक राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर विशेष डिजिटाइजेशन कैंप लगाये जायेंगे। इसके बाद 10 अक्टूबर को सभी मतदान केंद्रों पर बीएलओ और बीएलए-2 की बैठक के साथ मेगा हेल्पडेस्क लगाया जायेगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रविकुमार ने सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों, ईआरओ और एईआरओ को तैयारी पूरी करने तथा छूटे हुए पात्र नागरिकों तक पहुंचकर उनकी सहायता करने का निर्देश दिया है।

कैंप के दौरान बीएलओ के पास प्राप्त फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 के डिजिटाइजेशन में तेजी लाने को कहा गया है। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर अभियान की जानकारी साझा करने और पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए प्रेरित करने का निर्देश भी दिया गया है। स्थानीय स्तर और सोशल मीडिया पर अभियान का व्यापक प्रचार करने को कहा गया है। 10 अक्टूबर के मेगा हेल्पडेस्क में नोटिस की सुनवाई, दावा-आपत्ति, मतदाता सूची में नाम जोड़ने और संबंधित अन्य प्रक्रियाओं की जानकारी दी जायेगी। जनजातीय समूहों, पिछड़े वर्गों, दिव्यांग, वृद्ध, थर्ड जेंडर, सेक्स वर्कर और अन्य वंचित वर्गों के पात्र नागरिकों के लिए विशेष आउटरीच कार्यक्रम चलाने का भी निर्देश है।
के रविकुमार ने बताया कि मतदाता के नाम के सामने तार्किक विसंगति के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें गणना प्रपत्र में गलत जानकारी, पिछले एसआइआर में गलत मैपिंग या पहले दर्ज सूचना में त्रुटि शामिल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान सुनवाई का उद्देश्य पिछली एसआइआर की त्रुटियों को सुधारना नहीं, बल्कि वर्तमान एसआइआर की सूची को त्रुटिरहित बनाना और पात्र भारतीय नागरिकों का निबंधन सुनिश्चित करना है। निर्धारित दस्तावेजों के आधार पर यह सुनिश्चित किया जायेगा कि संबंधित व्यक्ति भारतीय नागरिक हो, 1 अक्टूबर 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुका हो और संबंधित मतदान केंद्र क्षेत्र का सामान्य निवासी हो। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित न रहे।


