टोकलो IED हमला मामले में मंगल मुंडा को नहीं मिली जमानत, हाईकोर्ट ने याचिका की खारिज

झारखंड : नक्सली संगठन भाकपा माओवादी से कथित संबंध और सुरक्षा बलों पर IED हमला कराने के मामले में आरोपी मंगल मुंडा को झारखंड हाईकोर्ट से जमानत नहीं मिली। जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी। सुनवाई के दौरान NIA ने अदालत को बताया कि अभियोजन पक्ष के गवाहों की संख्या घटाकर 97 कर दी गयी है और इनमें से 45 गवाहों की गवाही पूरी हो चुकी है। वहीं मंगल मुंडा के अधिवक्ता ने कहा कि आरोपी पांच साल से अधिक समय से जेल में है और ट्रायल पूरा होने में अभी काफी समय लग सकता है, इसलिए उसे जमानत दी जानी चाहिए.


मामला पश्चिमी सिंहभूम जिले के टोकलो थाना क्षेत्र से जुड़ा है। 4 मार्च 2021 को लांजी पहाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा बलों के अभियान के दौरान IED विस्फोट हुआ था। इसमें तीन सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गयी थी, जबकि कई अन्य घायल हुए थे। बाद में गृह मंत्रालय के निर्देश पर NIA ने जांच अपने हाथ में ली और 7 सितंबर 2021 को आरोप पत्र दाखिल किया, जिसमें मंगल मुंडा को आरोपी बनाया गया।
NIA का आरोप है कि मंगल मुंडा कथित तौर पर भाकपा माओवादी के सशस्त्र कैडरों के संपर्क में था और उनके निर्देश पर लोहे की पाइप उपलब्ध कराता था। आरोप के अनुसार, इन पाइपों का इस्तेमाल IED बनाने में किया जाता था और मंगल मुंडा को जानकारी थी कि उपलब्ध करायी जा रही सामग्री का उपयोग सुरक्षा बलों के खिलाफ हिंसक गतिविधियों में किया जाना है।


