SIR में एस जयशंकर समेत कई VIPs को नोटिस, पुराने रिकॉर्ड से नाम नहीं जुड़ने पर मांगा सत्यापन



दिल्ली : वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान कई हाई-प्रोफाइल मतदाताओं को चुनाव आयोग की ओर से नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें केंद्रीय मंत्री एस जयशंकर और उनकी पत्नी क्योको एस जयशंकर, CBI डायरेक्टर प्रवीण सूद और उनका परिवार, पूर्व सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी और उनकी पत्नी सुनीता द्विवेदी तथा सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज रंजना देसाई और उनके परिवार के सदस्य शामिल हैं। इनमें कई लोगों को ‘Unmapped with Last SIR’ श्रेणी में रखा गया है, जिसका अर्थ है कि उनके मौजूदा मतदाता रिकॉर्ड को पिछले SIR के रिकॉर्ड से जोड़ा नहीं जा सका।


पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और उनके परिवार को भी नोटिस मिला है। उनकी पत्नी सीमा सिसोदिया और बेटे मीर सिसोदिया के रिकॉर्ड में नाम से जुड़ी विसंगतियां दर्ज हैं। पूर्व जज रंजना देसाई के परिवार, CPM सांसद जॉन ब्रिटास की पत्नी शीबा ब्रिटास और बेटे आनंद ब्रिटास को भी नोटिस जारी हुआ है। इसके अलावा विदेश सचिव विक्रम मिस्री, सेबी चेयरमैन तुहिन कांत पांडे, प्रधानमंत्री के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार अजय कुमार सूद, स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों के नाम भी इस सूची में हैं।
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि नोटिस मिलने का मतलब वोटर लिस्ट से नाम हटना नहीं है। रिकॉर्ड में विसंगति वाले मतदाताओं को संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी के सामने जवाब और जरूरी दस्तावेज पेश करने होंगे। किसी मतदाता को सुनवाई का अवसर और उचित आदेश के बिना सूची से नहीं हटाया जा सकता। नोटिसों के निस्तारण की प्रक्रिया 29 अक्टूबर तक पूरी होनी है और अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर को प्रकाशित की जाएगी। पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार के सदस्यों को भी पहले ‘Unmapped with Last SIR’ श्रेणी में नोटिस दिया गया था।


