दुनियाभर में इंटरनेट ठप होने का खतरा, समुद्र के नीचे केबल्स को नुकसान की आशंका

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नई दिल्ली : अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्षेत्र में स्थिति गंभीर होती जा रही है। इस तनाव का असर अब सिर्फ ऊर्जा आपूर्ति तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि वैश्विक स्तर पर इंटरनेट सेवाओं पर भी खतरा मंडरा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह क्षेत्र न केवल ऊर्जा का प्रमुख मार्ग है, बल्कि समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबल्स के कारण एक महत्वपूर्ण डिजिटल चोकपॉइंट भी है।

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दुनिया का लगभग 95 से 97 प्रतिशत डेटा फाइबर ऑप्टिक केबल्स के जरिए ट्रांसफर होता है। भारत को यूरोप, अफ्रीका और पश्चिम एशिया से जोड़ने वाली अहम केबल्स जैसे SEA-ME-WE, AAE-1 और EIG इसी मार्ग के पास से गुजरती हैं। यदि इन केबल्स को नुकसान पहुंचता है, तो भारत सहित कई देशों में इंटरनेट सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं या उनकी गति धीमी पड़ सकती है।

फाइबर ऑप्टिक केबल पतली कांच या प्लास्टिक की तार से बनी होती है, जो प्रकाश की गति से डेटा का संचार करती है। इन्हें सुरक्षित रखने के लिए इसमें स्टील वायर आर्मर, पॉलीइथाइलीन और इंसुलेशन जैसी कई परतें होती हैं, जिससे वे समुद्री दबाव और बाहरी नुकसान से सुरक्षित रह सकें।

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