स्टेट हाईवे पर टोल वसूली की तैयारी तेज, FASTag नियमों के साथ हर साल 800 करोड़ राजस्व का अनुमान



पटना : बिहार में अब राज्य के स्टेट हाईवे, बड़े पुलों और बायपास पर भी टोल टैक्स वसूली की तैयारी तेज हो गई है। हाल ही में कैबिनेट ने पथ उपयोगकर्ता शुल्क (दरों का निर्धारण एवं संग्रहण) नियमावली-2026 को मंजूरी दी है, जिसके तहत राज्य सरकार के सड़क नेटवर्क पर भी टोल व्यवस्था लागू की जाएगी। नई व्यवस्था में टोल संग्रह FASTag आधारित प्रणाली से किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिलेगा।

सरकारी अनुमान के अनुसार इस नई व्यवस्था से करीब 800 करोड़ रुपये सालाना राजस्व मिलने की संभावना है, जिसे सड़कों के रखरखाव और विकास कार्यों में खर्च किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि राज्य में सड़क ढांचे के विस्तार और सुधार के लिए यह कदम महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे रखरखाव और अपग्रेडेशन के लिए नियमित फंड उपलब्ध होगा।
नई नियमावली के तहत वाहनों की अलग-अलग श्रेणियों के हिसाब से टोल दरें तय की जाएंगी और भुगतान प्रणाली पूरी तरह FASTag और डिजिटल माध्यम पर आधारित होगी। सरकार का लक्ष्य सड़क नेटवर्क को मजबूत करना और परिवहन व्यवस्था को अधिक सुगम बनाना है.


