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कोचस /रोहतास (संवाददाता ):- आज जहां पूरा देश ही नहीं विश्व एक ही समस्या को लेकर चिंतित है वह है पर्यावरण को लेकर प्राचीन भारत में मानव का सर्व प्रमुख ध्यये प्राकृतिक व्यवस्था के साथ तारतम्यता रखना था। पर्यावरण बड़ा ही व्यापक शब्द है इसका तात्पर्य इस सूची की भौतिक और जैविक व्यवस्था से है। जितने जीवधारी रहते हैं,बढ़ते हैं,पनपते हैं,पर्यावरण का अर्थ जीवो को अनु क्रियाओं को प्रभावित करने वाले समस्त भौतिक रासायनिक तथा जैविक परिस्थितियों का योग्य है। हमारे चारों ओर जो भी प्राकृतिक और मनुष्य द्वारा बनाई गई वस्तुएं हैं वह सब मिलकर पर्यावरण बनाती है। इसे जीवमंडल भी कहते हैं जो जलमंडल स्थल मंडल तथा वायुमंडल जीवन युक्त भागों का योग होता है। वास्तव में पर्यावरण एक आवास है, मनुष्य का ही नहीं जीव जंतु के लिए भी पर्यावरण जरूरी है। इसीलिए पर्यावरण को बचाना जरूरी है और अपने जीवन काल में हर इंसान को पौधारोपण करना चाहिए। सरकार इसके लिए कई बार संदेश देकर लोगों को भी जागरूक कर रही है प्राकृतिक से इंसान को खिलवाड़ नहीं करना चाहिए हमारे जीवन काल के लिए पर्यावरण होना जरूरी है ।

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