JPSC विवाद में नया खुलासा, 52 संदिग्धों पर अब तक नहीं हुई चार्जशीट

रांची : झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की द्वितीय सिविल सेवा परीक्षा में कथित गड़बड़ी के मामले में जांच के बावजूद कार्रवाई अब भी अधूरी मानी जा रही है। सीबीआई की दोबारा जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि परीक्षा की कोडिंग-डिकोडिंग प्रक्रिया में गंभीर खामियां थीं। कुछ अभ्यर्थियों ने उत्तर पुस्तिकाओं में विशेष चिन्ह और शब्द लिखकर अपनी पहचान दर्ज कराने की कोशिश की थी।

जांच रिपोर्ट के अनुसार, सोहन सिंह खांका समेत 52 अतिरिक्त अभ्यर्थियों पर संदेह जताया गया था, लेकिन पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने के कारण उन्हें ‘चार्जशीट नहीं किए गए आरोपी’ (आइटम-12) की श्रेणी में रखा गया। इससे पहले राज्य निगरानी ब्यूरो इस मामले में पांच अलग-अलग चार्जशीट दाखिल कर चुका था। सीबीआई रिपोर्ट में कई नेताओं के रिश्तेदारों के नाम भी सामने आए हैं, जबकि आरोप है कि अधिकारियों के रिश्तेदारों से जुड़ी जानकारी रिपोर्ट में शामिल नहीं की गई।


