नेतरहाट बना झारखंड का नया टूरिज्म हॉटस्पॉट: 1 लाख पर्यटकों ने तोड़ा रिकॉर्ड, अब 15 करोड़ से बनेगा हाईटेक प्री-फैब रिसॉर्ट, सरकार ने प्रभात विहार में दी मंजूरी

महुआडांड़: महुआडांड़ कोरोना के बाद झारखंड के नेतरहाट ने पर्यटन के नक्शे पर ऐसी छलांग लगाई है कि सब हैरान हैं। पिछले एक साल में ही 1 लाख से अधिक पर्यटकों ने यहां की वादियों में दस्तक दी। यह आंकड़ा कोरोना से पहले के मुकाबले पांच गुना ज्यादा है। पर्यटकों की इस सुनामी ने नेतरहाट को राज्य का सबसे तेजी से उभरता हुआ हिल स्टेशन बना दिया है।


दिसंबर-जनवरी में ‘हाउसफुल’ का बोर्ड, पर्यटक लौटते हैं मायूस
सूर्योदय-सूर्यास्त पॉइंट, मैग्नोलिया व्यू, नेतरहाट डैम और पाइन के घने जंगलों का दीदार करने देश-विदेश से सैलानी पहुंच रहे हैं। आलम ये है कि दिसंबर और जनवरी की सर्दियों में होटलों में एक कमरा मिलना भी मुश्किल हो जाता है। झारखंड पर्यटन विकास निगम के प्रभात विहार में 24 और पर्यटन विहार में सिर्फ 32 कमरे हैं। जगह न मिलने से हजारों पर्यटक दिन में घूमकर शाम होते ही रांची या लातेहार लौटने को मजबूर हैं।
सरकार का मास्टर स्ट्रोक: 14.95 करोड़ का प्री-फैब कॉटेज रिसॉर्ट
पर्यटकों की भीड़ और ठहराव की समस्या को खत्म करने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा दांव खेला है। प्रभात विहार परिसर में 14.95 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक प्री-फैब कॉटेज रिसॉर्ट बनाया जाएगा। पर्यटन निदेशालय ने इसकी डीपीआर तैयार कर पर्यटन विभाग को भेज दी है। जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी।
प्री-फैब तकनीक: पहाड़ों से छेड़छाड़ नहीं, 6 महीने में तैयार होगा रिसॉर्ट
यह रिसॉर्ट पारंपरिक ईंट-सीमेंट से नहीं बनेगा। प्री-फैब यानी प्री-फैब्रिकेटेड तकनीक में बिल्डिंग के सभी हिस्से फैक्ट्री में बनते हैं और साइट पर सिर्फ जोड़े जाते हैं।
नेतरहाट के लिए क्यों बेस्ट है ये तकनीक?
1. इको-फ्रेंडली: पहाड़ काटने की जरूरत नहीं। हरियाली और इकोलॉजी को नुकसान शून्य।
2. सुपरफास्ट निर्माण: पारंपरिक तरीके से 2 साल लगते, प्री-फैब से 6-8 महीने में तैयार।
3. जीरो जमीन अधिग्रहण: प्रभात विहार की मौजूदा जमीन पर ही बनेगा, किसी की जमीन नहीं ली जाएगी।
4. मौसम के अनुकूल: नेतरहाट की ठंड और बारिश झेलने में सक्षम, थर्मल इंसुलेशन से कमरे रहेंगे गर्म।
रिसॉर्ट से क्या बदलेगा नेतरहाट का भविष्य?
1. पर्यटकों का ठहराव 1 दिन से बढ़कर 3-4 दिन होगा: अच्छी सुविधा मिलने पर लोग रुककर लोकल कल्चर, ट्रैकिंग, नेचर वॉक का मजा लेंगे।
2. लोकल इकोनॉमी को बूस्ट: होटल स्टाफ, गाइड, टैक्सी ड्राइवर, आदिवासी हैंडीक्राफ्ट और लोकल फूड की डिमांड बढ़ेगी। सैकड़ों युवाओं को सीधा रोजगार मिलेगा।
3. ‘वेडिंग एंड फिल्म डेस्टिनेशन’ बनेगा नेतरहाट: कॉटेज रिसॉर्ट बनने से डेस्टिनेशन वेडिंग और फिल्म शूटिंग के लिए भी दरवाजे खुलेंगे।
एक्सपर्ट एजेंसी करेगी तकनीकी जांच
पर्यटन निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि प्री-फैब निर्माण की तकनीकी बारीकियों की जांच के लिए झारखंड राज्य भवन निर्माण निगम या IIT जैसी विशेषज्ञ संस्था की मदद ली जाएगी। मकसद है कि रिसॉर्ट क्वालिटी और सेफ्टी में इंटरनेशनल स्टैंडर्ड का हो।


