आर. डी. द्विवेदी अखाड़ा, बिष्टूपुर मंदिर प्रांगण में संगीत संध्या का आयोजन

Saraikela : संकट-मोचन संगीत समिति द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वर्ष 1989 से प्रत्येक मंगलवार आयोजित होने वाली सांस्कृतिक संगीत संध्या की परंपरा के तहत इस सप्ताह भी संगीत बैठकी आयोजित हुई।


कार्यक्रम की शुरुआत युवा गायक कुशल दिव्यम ने राग तोड़ी में छोटा ख्याल प्रस्तुत कर की। इसके बाद उन्होंने एक मराठी नाट्य गीत तथा एक भजन प्रस्तुत कर मंदिर परिसर में उपस्थित श्रोताओं का मन मोह लिया। उनके साथ तबला पर श्रेष्ठ उपाध्याय ने प्रभावशाली संगत की।
इसके पश्चात शहर के प्रसिद्ध गायक निलांजन मित्रा ने राग मेघ में बड़ा ख्याल एवं छोटा ख्याल प्रस्तुत किया। इसके बाद उन्होंने घरानेदार ठुमरी एवं भजन सुनाकर पूरे मंदिर परिसर को संगीतमय बना दिया। अपनी प्रस्तुति के दौरान निलांजन मित्रा ने कहा कि संकट मोचन संगीत समिति द्वारा विगत 37 वर्षों से प्रत्येक मंगलवार मंदिर परिसर में निरंतर संगीत बैठकी का आयोजन करना अत्यंत दुर्लभ और सराहनीय कार्य है। उन्होंने इस परंपरा को जीवंत बनाए रखने में तबला गुरु पंडित दयानाथ उपाध्याय एवं उनके परिवार की भूमिका की विशेष प्रशंसा की।
उनके साथ तानपुरा पर धृतिमान मंडल एवं तबला पर श्यामा चक्रवर्ती ने उत्कृष्ट संगत प्रस्तुत की।
कार्यक्रम के अंत में मंदिर की परंपरा के अनुसार सभी कलाकारों को संकट मोचन संगीत समिति के अभिभावक एवं तबला गुरु पंडित दयानाथ उपाध्याय, निलाम्बर चौधरी, समीर घोष तथा बालमुकुन्द चौधरी द्वारा अंगवस्त्र एवं उपहार देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर जमशेदपुर के अनेक कलाकार एवं संगीत प्रेमी उपस्थित रहे। इनमें सनत सरकार, रामकिंकर उपाध्याय, मृत्युंजय उपाध्याय, उमाकांत पाण्डेय, धनंजय उपाध्याय, प्रतीक पाण्डेय, रेखा कुमारी, समृद्ध स्वराज, कौशिकी, कुलदीप, राजेश ठाकुर एवं गणेश सहित अन्य लोग शामिल थे।
कार्यक्रम का समापन हनुमान चालीसा के पाठ के साथ हुआ। कार्यक्रम का संचालन बीरेन्द्र उपाध्याय ने किया तथा उपस्थित सभी संगीत प्रेमियों के प्रति आभार व्यक्त किया।


