टाटा संस को अनलिस्टेड रखने की कवायद, TESS और TCE के मर्ज का प्रस्ताव

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JHARKHAND: टाटा ट्रस्ट ने टाटा संस को शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने से बचाने और इसे गैर-सूचीबद्ध निजी कंपनी बनाए रखने की दिशा में पुनर्गठन का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम्स सॉल्यूशंस (TESS) और टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स (TCE) को टाटा संस में मर्ज करने का प्रस्ताव है। टाटा ट्रस्ट ने टाटा संस के निदेशक मंडल से इस पर विचार कर जरूरी कदम उठाने को कहा है। प्रस्ताव लागू करने से पहले भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) लेना जरूरी होगा। ट्रस्ट के अनुसार, इसका उद्देश्य टाटा संस को गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) और कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी (CIC) के नियामकीय दायरे से बाहर लाना है। जुलाई 2025 में दोनों प्रमुख टाटा ट्रस्ट ने सर्वसम्मति से कंपनी को गैर-सूचीबद्ध निजी इकाई बनाए रखने के लिए प्रयास करने का प्रस्ताव पारित किया था।

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RBI ने 2022 में टाटा संस को ‘अपर लेयर’ NBFC के रूप में वर्गीकृत किया था। टाटा संस ने इस दर्जे से बाहर निकलने का अनुरोध किया था, लेकिन RBI ने सितंबर में इसे खारिज कर दिया। हाल में टाटा संस के निदेशक मंडल की बैठक में कंपनी को लिस्टिंग की दिशा में आगे बढ़ाने का फैसला किए जाने के बाद ट्रस्ट और कंपनी के बीच मतभेद सामने आए। प्रस्ताव के अनुसार, TESS और TCE के मर्ज के बाद बनने वाली इकाई की 31 मार्च 2026 तक परिचालन आय 1,05,043 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो कुल आय का 64.3 प्रतिशत होगी। वित्तीय परिसंपत्तियों से आय 40,072 करोड़ रुपये होगी। पुनर्गठित टाटा संस के पास 2,00,158 करोड़ रुपये की शुद्ध परिसंपत्तियां होंगी, जिनमें समूह की कंपनियों में 1,77,120 करोड़ रुपये का निवेश होगा। यह कुल शुद्ध परिसंपत्तियों के 90 प्रतिशत से कम होगा। टाटा ट्रस्ट के अनुसार, इस संरचना में पुनर्गठित टाटा संस NBFC के मुख्य कारोबार संबंधी मानदंड और CIC की शर्तों को पूरा नहीं करेगी।

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टाटा ट्रस्ट का कहना है कि प्रस्तावित मर्ज से टाटा संस में परिचालन कारोबार और समूह की कंपनियों में निवेश रखने वाली पुरानी व्यवस्था फिर स्थापित होगी। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) भी 2004 में अलग कंपनी बनने से पहले टाटा संस का हिस्सा थी। हालांकि, प्रस्ताव अभी अंतिम नहीं हुआ है। पहले टाटा संस के निदेशक मंडल को इस पर विचार करना होगा, जिसके बाद RBI की मंजूरी और मर्ज की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

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