MMDR विधेयक पर मंत्री का बड़ा दावा, बोले- झारखंड को होगा 14 हजार करोड़ का नुकसान; ग्रामीण न घबराएं



पलामू : केंद्र सरकार के एमएमडीआर विधेयक से झारखंड को करीब 14 हजार करोड़ रुपये का नुकसान होने का दावा राज्य के वित्त सह संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने किया है। सोमवार को मेराल पंचायत सचिवालय में ग्रामीणों के साथ संवाद कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की अनुमति के बिना किसी कंपनी को माइंस खोलने की इजाजत नहीं दी जा सकती। उन्होंने ग्रामीणों से हताश होकर हथियार उठाने के बजाय शांतिपूर्ण तरीके से अपनी लड़ाई लड़ने की अपील की। मंत्री ने कहा कि त्रिमुला कंपनी के खिलाफ ग्रामीणों की लड़ाई राज्य सरकार के स्तर पर लड़ी जायेगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को अपनी जमीन और अधिकार को लेकर चिंतित होने की जरूरत नहीं है। मेराल पंचायत करीब पांच किलोमीटर क्षेत्र में फैली है और उन्होंने त्रिमुला कंपनी को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उसमें दम है तो पहले इस क्षेत्र में जमीन खरीदकर दिखाये।

वित्त मंत्री ने कहा कि किसी भी कंपनी को खनन या अन्य परियोजना शुरू करने के लिए राज्य सरकार की अनुमति के साथ कैबिनेट की मंजूरी भी जरूरी है। उनके अनुसार, त्रिमुला कंपनी की समयावधि 2015 में ही समाप्त हो चुकी है, इसलिए ग्रामीणों को डरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि कंपनी ने जिंजोई नदी को साधारण नाला बताया था, जिसकी जांच के लिए टीम क्षेत्र में पहुंची थी और कंपनी की ओर से दी गई रिपोर्ट गलत पाई गई। मंत्री ने यह भी कहा कि त्रिमुला कंपनी से उनका अपना हिसाब बाकी है और आरोप लगाया कि कंपनी ने पहले उनका टिकट कटवाने में भूमिका निभाई थी। उन्होंने ग्रामीणों से शांतिपूर्वक अपना काम करने और किसी तरह की चिंता नहीं करने को कहा। कार्यक्रम का संचालन विकास कुमार मेहता ने किया। मौके पर राजकमल तिवारी, भोला सिंह, मुखिया छोटू सिंह, पूर्व मुखिया अनीता देवी, सुनीता देवी, मोला सिंह चेरो, अवधेश सिंह, बालमुकुंद सिंह, सुचिता देवी समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।


