सरना धर्म कोड की मांग पर जोरदार प्रदर्शन, नहीं मानी गई बात तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी


जमशेदपुर : आदिवासी सेंगेल अभियान के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को जिला मुख्यालय (डीसी ऑफिस) के सामने सरना धर्म कोड की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। उनकी प्रमुख मांग है कि प्रकृति पूजक आदिवासियों को सरना धर्म के रूप में संवैधानिक मान्यता दी जाए और आगामी जनगणना में उनके लिए अलग धर्म कोड शामिल किया जाए।

नेताओं ने संविधान के अनुच्छेद 25 का हवाला देते हुए कहा कि देश के करोड़ों आदिवासियों को अब तक अलग धार्मिक पहचान नहीं मिलना उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। इस दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष सालखन मुर्मू ने गिरिडीह स्थित मरांग बुरु (पारसनाथ पहाड़) को आदिवासियों को सौंपने की मांग भी उठाई और इसे उनकी आस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थल बताया।
प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त कार्यालय के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।


