AAP में बड़ा सियासी झटका, 7 सांसदों के इस्तीफे पर अन्ना हजारे का हमला


नई दिल्ली : आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा सियासी झटका लगा है, जहां राज्यसभा के सात सांसदों ने पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया। इस घटनाक्रम के बाद वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने पार्टी नेतृत्व पर तीखा हमला करते हुए कहा कि संगठन ने सामाजिक सेवा के मूल सिद्धांतों से भटककर सत्ता और धन को प्राथमिकता दे दी है।

अन्ना हजारे ने कहा कि किसी भी नेता का पार्टी छोड़ना संगठन की विफलता को दर्शाता है। उनके अनुसार, यदि पार्टी सही तरीके से काम करती, तो नेता उसे छोड़कर नहीं जाते। उन्होंने यह भी कहा कि जब नेतृत्व समाज और देश के हितों को भूलकर स्वार्थ की ओर बढ़ता है, तो पार्टी की नींव कमजोर होने लगती है। उन्होंने लोकतंत्र में व्यक्तिगत निर्णय की स्वतंत्रता को स्वीकार करते हुए भी इस घटनाक्रम को पार्टी की आंतरिक समस्याओं का परिणाम बताया।
इधर, राज्यसभा में पार्टी के पूर्व उपनेता राघव चड्ढा ने अपने फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि पार्टी अब “ईमानदार राजनीति” से दूर हो चुकी है। उन्होंने कहा कि उन्होंने 15 साल इस पार्टी को दिए, लेकिन अब उन्हें लगता है कि वे गलत पार्टी में थे। उन्होंने कहा कि वे अब जनता के और करीब जाने के लिए यह कदम उठा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि यह बदलाव भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ बैठक के दौरान औपचारिक रूप से हुआ, जहां राघव चड्ढा समेत अन्य सांसदों का स्वागत किया गया। राज्यसभा में AAP के कुल 10 में से 7 सांसदों के जाने से पार्टी को बड़ा संगठनात्मक और राजनीतिक नुकसान हुआ है, वहीं इससे भाजपा की स्थिति और मजबूत हुई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम आने वाले चुनावों पर भी असर डाल सकता है, क्योंकि इससे राज्यसभा के समीकरणों में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है।


