दूसरे चरण की वोटिंग में बड़ा बदलाव, 16 हजार केंद्रीय कर्मचारी तैनात… फैसले पर छिड़ी बहस


कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की वोटिंग को लेकर चुनाव आयोग ने बड़ा फैसला लिया है। मतदान कर्मियों की कमी को दूर करने के लिए करीब 16,000 केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को पीठासीन और मतदान अधिकारी के रूप में तैनात किया गया है। बताया जा रहा है कि बंगाल के चुनावी इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में केंद्रीय कर्मचारियों को सीधे मतदान प्रक्रिया में लगाया गया है, जिससे यह कदम चर्चा का विषय बन गया है।

दक्षिण बंगाल के जिलों में कर्मचारियों की कमी के कारण आयोग ने यह व्यवस्था अपनाई है। जिन इलाकों में पहले चरण का मतदान पूरा हो चुका है, वहां से केंद्रीय कर्मचारियों को लाकर दूसरे चरण के बूथों पर लगाया जा रहा है। हालांकि, इस फैसले को लेकर विवाद भी बढ़ गया है, क्योंकि कुछ संगठनों का कहना है कि राज्य के कई योग्य कर्मचारियों को चुनाव ड्यूटी से बाहर रखा गया है, जिससे इस व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।


