केपीएस मानगो ने अभिभावकों की आवाज को दिया डिजिटल मंच, ‘KPS Parents’ Voice’ वेब ऐप लॉन्च; सुझाव और शिकायतों को अब ऑनलाइन कर सकेंगे ट्रैक


जमशेदपुर : केरल पब्लिक स्कूल, मानगो ने अभिभावकों और विद्यालय के बीच संवाद को अधिक सुलभ, पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में नई डिजिटल पहल की है। स्कूल में 18 सितंबर 2026 को kpsparentsvoice.com नामक विशेष वेब ऐप का शुभारंभ किया गया। विद्यालय प्रबंधन के अनुसार यह मंच अभिभावकों को अपने सुझाव, चिंताएं, शिकायतें और प्रतिक्रियाएं सीधे ऑनलाइन दर्ज करने की सुविधा देगा। इसे झारखंड में अपनी तरह की शुरुआती पहलों में से एक बताया गया है।


कार्यक्रम में रज़ी नौशाद विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि वरिष्ठ अभिभावक प्रतिनिधि मुख्तार ने अभिभावक समुदाय का प्रतिनिधित्व किया। इस अवसर पर केरल पब्लिक स्कूल्स की चेयरपर्सन मनोरमा नायर, डायरेक्टर शरत चंद्रन, अकादमिक डायरेक्टर लक्ष्मी आर., प्रिंसिपल, वाइस प्रिंसिपल, चीफ-क्वालिटी एंड एनहांसमेंट सोमनाथ के साथ अभिभावक प्रतिनिधि, शिक्षक और विद्यार्थी मौजूद रहे।
सुझाव पेटी से डिजिटल प्लेटफॉर्म तक पहुंची पहल
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डायरेक्टर शरत चंद्रन ने बताया कि रज़ी नौशाद ने विद्यालय में रखी भौतिक सुझाव पेटियों की सुलभता को लेकर एक व्यावहारिक चिंता सामने रखी थी। इसके बाद स्कूल प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से लिया। पहले सुझाव पेटियां स्कूल के अंदरूनी गलियारों में रखी जाती थीं। अभिभावकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इन्हें बाहरी फीस जमा क्षेत्र में स्थानांतरित किया गया, ताकि अभिभावक आसानी से अपनी बात लिखकर दे सकें। बाद में इस व्यवस्था को डिजिटल रूप देने का निर्णय लिया गया।
शरत चंद्रन ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और 21वीं सदी के डिजिटल संचार के दौर में अभिभावकों को अपनी बात रखने के लिए बार-बार स्कूल आने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। वे घर बैठे मोबाइल फोन या कंप्यूटर से अपनी चिंताएं, सुझाव और प्रतिक्रियाएं स्कूल तक पहुंचा सकें, इसी सोच के साथ KPS Parents’ Voice की शुरुआत की गई।
हर सुझाव पर मिलेगा यूनिक रेफरेंस नंबर
वेब ऐप की प्रमुख सुविधाओं में अभिभावकों को उनकी ओर से दर्ज किए गए प्रत्येक सुझाव या मुद्दे पर एक विशिष्ट संदर्भ संख्या मिलना शामिल है। इस रेफरेंस नंबर की मदद से वे अपने द्वारा दर्ज मामले की प्रगति को ट्रैक कर सकेंगे। संबंधित सुझाव या चिंता को आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित स्कूल तक भी भेजा जाएगा।
इस व्यवस्था का उद्देश्य केवल शिकायत दर्ज करने की सुविधा देना नहीं, बल्कि शिकायत या सुझाव दर्ज होने के बाद उसके आगे की कार्रवाई को भी व्यवस्थित बनाना है। इससे अभिभावकों को यह जानने में सुविधा होगी कि उनकी ओर से उठाया गया मुद्दा स्कूल तक पहुंचा या नहीं और उस पर क्या प्रगति हुई।
‘सिर्फ शिकायत पेटी नहीं, विश्वास और समाधान का मंच’
डायरेक्टर शरत चंद्रन ने कहा कि KPS Parents’ Voice केवल एक शिकायत पेटी नहीं है, बल्कि विश्वास, सहयोग और समाधान का मंच है। उन्होंने कहा कि विद्यालय चाहता है कि प्रत्येक अभिभावक को यह महसूस हो कि उसकी आवाज सुनी जा रही है, उसका सम्मान किया जा रहा है और उस पर आवश्यक कार्रवाई भी हो रही है।
विद्यालय प्रबंधन के अनुसार इस पहल के जरिए अभिभावकों को स्कूल की सुधार प्रक्रिया के केंद्र में रखने का प्रयास किया गया है। अभिभावकों की बात रखने के लिए अलग वेबसाइट तैयार करना पारदर्शी संवाद और स्कूल की गतिविधियों में अभिभावकों की सार्थक भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में कदम है।
अभिभावक प्रतिनिधियों ने प्रक्रिया को बताया सरल
केपीएस मानगो के अभिभावक प्रतिनिधियों ने पोर्टल के माध्यम से सुझाव दर्ज करने की प्रक्रिया को सरल और सुविधाजनक बताया। उन्होंने विद्यालय और अभिभावकों के बीच संवाद के लिए सुलभ, पारदर्शी और व्यवस्थित प्रणाली विकसित करने की पहल की सराहना की।
विद्यालय का मानना है कि नई डिजिटल व्यवस्था अभिभावकों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और स्कूल प्रबंधन के बीच अधिक मजबूत साझेदारी विकसित करने में मदद करेगी। इस पहल के लिए स्कूल ने संदेश दिया है—“आपकी आवाज़ – हमारी प्रतिबद्धता।”


