SIR में पूर्व कोल्हान आयुक्त मोहनलाल राय का नाम वोटर लिस्ट से हटा, 14 तरह के दस्तावेज मांगे

जमशेदपुर : SIR के दौरान पूर्व कोल्हान आयुक्त और पूर्व आइएएस अधिकारी मोहनलाल राय का नाम वोटर लिस्ट से हटाये जाने का मामला सामने आया है। बताया गया है कि 2003 की वोटर लिस्ट में नाम नहीं होने को इसका आधार बनाया गया है। निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी की ओर से मोहनलाल राय को नोटिस जारी कर 2003 की वोटर लिस्ट में नाम समेत 14 तरह के दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा गया है। मोहनलाल राय ने इस कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी और केंद्रीय निर्वाचन आयोग के समक्ष भी अपनी आपत्ति दर्ज करायी है। उनका कहना है कि वे 50 साल से अधिक समय से मतदान करते आ रहे हैं और उन्हें बताया जाना चाहिए कि उनका नाम किस आधार पर हटाया गया।

मोहनलाल राय ने बुधवार को प्रभात खबर से बातचीत में कहा कि अलग-अलग जगहों पर पदस्थापित रहने के दौरान वे लंबे समय से मतदान करते रहे हैं। उन्होंने केवल 2003 की वोटर लिस्ट में नाम नहीं होने के आधार पर नाम काटे जाने पर सवाल उठाया। उनके अनुसार, SIR मैपिंग के दौरान बीएलओ ने उनका फॉर्म चेक कर ओके किया था, लेकिन कुछ दिन पहले बीएलओ ने फोन कर उन्हें नोटिस की जानकारी दी। नोटिस में उन्हें दो निर्धारित तिथियों पर निर्वाचन कार्यालय में उपस्थित होकर नये सिरे से वैध दस्तावेज जमा करने को कहा गया है।
मोहनलाल राय वर्तमान में सोनारी में रह रहे हैं। उनका कहना है कि दस्तावेज जमा करने से पहले यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि उनका नाम वोटर लिस्ट से किस आधार पर हटाया गया। निर्वाचन आयोग के अनुसार, SIR के दौरान संबंधित राज्यों में पिछली गहन पुनरीक्षण वाली वोटर लिस्ट को आधार बनाया जा रहा है और झारखंड के लिए पिछली SIR की क्वालिफाइंग तारीख 1 जनवरी 2003 है।


