Faridabad : किरायेदार ने बंदूक दिखाकर किया अगवा, 800 किलोमीटर तक घुमाता रहा, मांगी फ़िरौती..

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लोक आलोक न्यूज सेंट्रल डेस्क:-आरोपी ने सतीश की कार की चाबी और पर भी घर से ले लिया था और सतीश की पत्नी और दोस्त का मोबाइल भी छीन लिया था. इसके बाद उन्होंने बंदूक की नोक पर सतीश से ही कार ड्राइव करने के लिए कहा.

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फरीदाबाद में घर में घुसकर बैंक मैनेजर को अगवा करने के मामले में क्राइम ब्रांच की टीम ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और एक अभी भी फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है. अपहरण करने वाला मुख्य आरोपी पीड़ित परिवार का पूर्व किरायदार ही है. अपहरणकर्ता ने घर से पत्नी और दोस्त के सामने ही पीड़ित सतीश को किडनैप किया था. आरोपियों ने दोस्त पर हथोड़े से हमला किया था और पत्नी पर बंदूक तान दी थी और सतीश को अगवा कर अपने साथ कार में ले गए थे.
बंदूक दिखाकर सतीश से ड्राइव कराई कार
आरोपी ने सतीश की कार की चाबी और पर भी घर से ले लिया था और सतीश की पत्नी और दोस्त का मोबाइल भी छीन लिया था. इसके बाद उन्होंने बंदूक दिखाकर सतीश से ही कार ड्राइव करने के लिए कहा. एक आरोपी भूपेंद्र सतीश के साथ ही कार से रोहिणी पहुंचा और दूसरा आरोपी रविंद्र कैब से पहुंचा. इसके बाद उन्होंने सतीश की कार को वहीं छोड़ दिया और रविंद्र की कैब से गुरुग्राम पहुंचे. वहां सतीश के क्रेडिट कार्ड से फ्यूल डलवाया और फिर हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर चले गए.

21 अप्रैल को किया था अपहरण
एसपी अमन यादव ने बताया कि गिरफ्तार किया गया आरोपी भूपेंद्र पलवल के बडौली गांव का है. दोनों ने 21 अप्रैल की रात को बल्लभगढ़ सेक्टर 62 एरिया में घर से ही सतीश का अपहरण किया था और जबरदस्ती कार में डालकर मथुरा ले गए थे और इसकी एवज में उन्होंने 50 लाख रुपये की फिरौती की मांग की थी. यह मामला आदर्श नगर थाने में दर्ज किया गया था. आरोपी जब सतीश के परिजनों से पैसे लेने आए तो क्राइम ब्रांच की टीम ने भूपेंद्र को पकड़ लिया. भूपेंद्र ने बताया कि वह लगभग 4 महीने पहले सतीश के मकान में किराए पर रह रहा था. बाद में वह अपने बच्चों के साथ गांव चला गया था और उसके पास कुछ काम नहीं था. इस वजह से उसे पैसों की जरूरत थी.

आरोपी को पता था सतीश बैंक में नौकरी करता है
आरोपी भूपेंद्र को पता था कि सतीश बैंक में मैनेजर है. भूपेंद्र जब सतीश के मकान में किराए पर रहता था तभी सतीश ने महिंद्रा एक्सयूवी ली थी और उसी से बैंक जाया करता था. सतीश की पत्नी भी दिल्ली में सरकारी नौकरी करती है और घर पर कम ही आती थी. आरोपी भूपेंद्र ने बताया कि करीब 10 महीने पहले जब वह बादशाहपुर पेट्रोल पंप पर काम करता था तो उसकी दोस्ती बादशाहपुर निवासी रविंद्र से हुई.

18 अप्रैल को की थी अपहरण की प्लानिंग
18 अप्रैल की शाम को भूपेंद्र ने रविंद्र को फोन किया और गुरुग्राम सेक्टर 56 की रेड लाइट पर बुलाया. भूपेंद्र ने रविंद्र से बात की और कहा कि उसके पूर्व मकान मालिक सतीश के पास बहुत पैसे हैं. यदि हम उसके घर पर जाकर डराएं और धमकाएं तो वो हमें 50 लाख रुपये दे देगा. इसपर रविंद्र सहमत हो गया. दोनों कार से बल्लभगढ़ आ गए और सतीश की रेकी करने लगे. दोनों आरोपियों ने दो-तिन दिन शाम के वक्त सतीश के घर की रेकी की. आरोपी भूपेंद्र के पास बैग में ही एक देशी कट्टा और हथौड़ी थी. 21 की रात को आरोपी मुंह पर कपड़ा बांधकर सतीश के पड़ोस वाले मकान से उसके घर में दाखिल हुए और हथियार के बल पर सतीश को उसी की गाड़ी में अगवा कर ले गए.

गुरुग्राम से हिमाचल ले गए थे आरोपी
आरोपी पहले उसे गुरुग्राम और फिर हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर ले गए और फिर वहां से उसे मथुरा ले आए. आरोपियों ने सतीश के परिजनों को फोन कर 50 लाख रुपय की रंगदारी मांगी और पैसे नहीं देने की एवज में सतीश को जान से मारने की धमकी दी. आरोपियों की सतीश के परिजनों के साथ 5 लाख में सतीश को छोड़ने की बात हुई जिसमें आरोपियों ने सतीश के परिजनों से 1 लाख सतीश के खाते में डलवाए और सतीश के एटीएम का इस्तेमाल करके अलग-अलग स्थान से पैसे निकलवा लिए तथा चार लाख रुपए बल्लभगढ़ के केली बाईपास पर लेकर आने के लिए कहा.

पुलिस ने ऐसे किया आरोपी को गिरफ्तार
सतीश के परिजनों ने यह बात पुलिस को बताई. सतीश की पत्नी जब पैसे लेकर पहुंची तो आरोपी भूपेंद्र किराए पर टैक्सी करके वहां पर पहुंचा तथा आरोपी रविंद्र मथुरा में सतीश के साथ था. भूपेंद्र जब पैसे लेने पहुंचा तो पुलिस ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया. आरोपी के कब्जे से 1 पिस्टल 1 देशी कट्टा 3 जिंदा कारतूस, 1 रस्सी, वारदात में प्रयोग एक गाड़ी तथा 4 लाख रुपए बरामद किए गए. आरोपी रविंद्र को जब पता चला कि भूपेंद्र को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है तो वह मथुरा से फरार हो गया. इसके बाद क्राइम ब्रांच टीम द्वारा सतीश को सकुशल बरामद किया गया. पुलिस पूछताछ में सामने आया कि मामले में भूपेंद्र की पत्नी भी शामिल थी जिसकी जांच की जा रही है. पुलिस द्वारा आरोपी भूपेंद्र को अदालत में पेश करके पुलिस रिमांड पर लेकर आरोपी रविंद्र व मामले में शामिल अन्य आरोपियों की जानकारी प्राप्त करके उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा.

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