दाखिन हांसदा बने भोंज दिशोम के देश पारगना बाबा, पारंपरिक स्वशासन मजबूत करने का संकल्प

जमशेदपुर : ओडिशा के तिरिंग स्थित आसेका भवन में आदिवासी पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था माझी पारगना महाल की बैठक और सामाजिक पगड़ी पहनाई समारोह हुआ। भोंज दिशोम में लंबे समय से खाली पड़े देश पारगना बाबा के पद पर सर्वसम्मति से दाखिन हांसदा को चुना गया, और आदिवासी रीति-रिवाज से उनकी पगड़ीपोशी की गई।


समारोह में दुर्गा चरण मुर्मू, सुशील कुमार हांसदा, सोनातन हांसदा और छोटराय हेंब्रम समेत भोंज दिशोम और आसपास के माझी बाबा, पारगना बाबा और समाज के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए।
बैठक में संताल समाज के रीति-रिवाज, पूजा पद्धति, हासा-भाषा (भूमि व भाषा) और धर्म-संस्कृति के संरक्षण का काम जारी रखने पर सहमति बनी। ‘जल, जंगल और जमीन’ बचाने के लिए जागरूकता अभियान चलाने और पेसा कानून 1996 को पूरी तरह लागू कराने के प्रयास तेज करने का भी निर्णय लिया गया।


