झारखंड में डॉक्टरों की कमी पर बड़ा फैसला, 2000 विशेषज्ञ डॉक्टर आएंगे

जमशेदपुर : झारखंड में डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने मंगलवार को सर्किट हाउस में बताया कि बेंगलुरु, केरला और तमिलनाडु से करीब 2000 विशेषज्ञ डॉक्टरों को लाकर अस्पतालों में तैनात किया जाएगा। सरकार प्रत्येक डॉक्टर को तीन लाख रुपये तक वेतन देने की तैयारी में है और प्रक्रिया तेजी से चल रही है। जमशेदपुर को मेडिकल हब बनाने के लिए एमजीएम, सदर अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों को अपडेट किया जा रहा है। एमजीएम समेत सरकारी अस्पतालों में जल्द सीटी स्कैन और एमआरआई मशीनें लगाई जाएंगी, जिसके लिए टेंडर हो चुका है।


एमजीएम मेडिकल कॉलेज में पीजी सीटें बढ़ाकर 150 और एमबीबीएस सीटें 250 करने की तैयारी है। उपकरणों के लिए करीब 600 करोड़ रुपये का फंड दिया जा रहा है। एमजीएम की लिफ्ट समस्या दूर करने के साथ डॉक्टरों की कमी से हुई दो मौतों की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल में फिलहाल एक वेंटिलेटर है, जल्द और वेंटिलेटर उपलब्ध कराए जाएंगे। मलेरिया के दौरान एमजीएम में पढ़ाई कर रहे 100 डॉक्टरों को अलग-अलग जगहों पर लगाया गया था। वहीं, स्वास्थ्य विभाग और गूगल के एमओयू के तहत डिजिटल हेल्थ सिस्टम विकसित कर पूरे राज्य में लागू करने की योजना है, जिसमें एआई का इस्तेमाल भी बढ़ाया जाएगा। मंत्री ने रांची में बन रहे रिम्स टू को झारखंड के लोगों के लिए वरदान बताया।


