डीडी बार हत्याकांड में गिरी गाज: बिष्टुपुर थाना प्रभारी आलोक दुबे निलंबित, CCTV ने खोली पुलिस की बड़ी लापरवाह

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जमशेदपुर: बिष्टुपुर स्थित डीडी (डबल डाउन) बार के बाहर करणी सेना के युवा नेता हिमांशु सिंह की हत्या और प्रत्युष सिंह पर हुए जानलेवा हमले के मामले में आखिरकार पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिष्टुपुर थाना प्रभारी आलोक दुबे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई को पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवालों के बीच जवाबदेही तय करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

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27 जून की रात हुई इस सनसनीखेज वारदात के दौरान गश्ती दल घटनास्थल के पास मौजूद था। जांच में सामने आए सीसीटीवी फुटेज ने पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। फुटेज के अनुसार पूरी घटना पुलिस की मौजूदगी में हुई, लेकिन समय रहते प्रभावी हस्तक्षेप नहीं किया गया। विभागीय जांच में माना गया कि यदि पुलिस तत्काल कार्रवाई करती तो हालात अलग हो सकते थे।

इसी लापरवाही के आधार पर सबसे पहले मौके पर मौजूद एएसआई रतन कुमार दास, एएसआई राजेश कुमार रंजन और आरक्षी मनोज कुमार को निलंबित किया गया था। अब विभाग ने एक कदम आगे बढ़ते हुए थाना प्रभारी आलोक दुबे पर भी कार्रवाई कर उन्हें निलंबित कर दिया है। उनकी जगह पुलिस निरीक्षक निरंजन कुमार को बिष्टुपुर थाना का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है।

हिमांशु सिंह की मौत के बाद पूरे शहर में आक्रोश फैल गया था। करणी सेना, क्षत्रिय समाज और परिजनों ने पुलिस पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। बिष्टुपुर, टीएमएच और रीगल गोलचक्कर क्षेत्र में सड़क जाम और हंगामे की स्थिति बनी रही। आक्रोशित भीड़ ने सिटी एसपी की सरकारी गाड़ी पर भी पथराव किया, जिससे वाहन क्षतिग्रस्त हो गया।

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इस मामले में बिष्टुपुर थाना में दर्ज प्राथमिकी में भाजपा नेता एवं डबल डाउन बार के मालिक नीरज सिंह, बार संचालक विजय कुमार समेत कई लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। पुलिस दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि अन्य की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है।

आलोक दुबे के निलंबन को इस पूरे मामले में अब तक की सबसे बड़ी विभागीय कार्रवाई माना जा रहा है। पुलिस विभाग का कहना है कि जांच अभी जारी है और यदि किसी अन्य अधिकारी या कर्मी की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है तो आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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