बिहार के 13 हजार सरकारी अस्पतालों में 5 महीने से आयुष दवाएं गायब, मरीज परेशान; स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल



पटना : बिहार के करीब 13 हजार सरकारी अस्पतालों में पिछले पांच महीनों से होम्योपैथी, आयुर्वेद और यूनानी (AYUSH) दवाओं की आपूर्ति ठप पड़ी हुई है। जिला अस्पताल से लेकर अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक इन दवाओं की कमी के कारण मरीजों को इलाज में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

जानकारी के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते इन दवाओं की खरीद प्रक्रिया अटकी हुई है। बीएमएसआईसीएल के माध्यम से खरीद का निर्णय लिया गया था, लेकिन अब तक टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। इस कारण सरकारी अस्पतालों में आयुष चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हो रही हैं और मरीजों को बाहर से दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं।
वहीं, कई आयुष चिकित्सकों को मजबूरी में एलोपैथिक दवाएं लिखनी पड़ रही हैं। इससे मरीजों में असंतोष की स्थिति बनी हुई है। प्रशासनिक स्तर पर देरी को लेकर सवाल उठ रहे हैं और जल्द समाधान की मांग की जा रही है।


