‘एआई फॉर ऑल’ मिशन से बदलेगा भारत का भविष्य, गांव-गांव तक पहुंचेगी डिजिटल क्रांति


जमशेदपुर : भारत तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है और ‘इंडिया एआई मिशन’ इस परिवर्तन का प्रमुख आधार बनकर उभर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ‘एआई फॉर ऑल’ की अवधारणा के माध्यम से भारत न केवल तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनेगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर एक मजबूत डिजिटल हब के रूप में स्थापित होगा।

जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. इला कुमार ने इस विषय पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि भारत ने 500 बिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसमें एआई की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में एआई का तेजी से उपयोग बढ़ रहा है।
उन्होंने बताया कि ‘ई-संजीवनी’ और ‘आरोग्य सेतु’ जैसी डिजिटल सेवाओं के माध्यम से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। वहीं कृषि क्षेत्र में ‘किसान ड्रोन’ किसानों को मौसम, फसल और मिट्टी की सटीक जानकारी प्रदान कर रहे हैं, जिससे उनकी उत्पादकता बढ़ रही है।
सरकार द्वारा ‘इंडिया एआई कंप्यूटर’ और राष्ट्रीय डेटा सेट विकसित किए जा रहे हैं, जिससे देश में एआई रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही ‘डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट 2023’ के जरिए डेटा सुरक्षा को भी मजबूत किया गया है। यह पहल भारत को तकनीकी महाशक्ति बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकती है।


