अयोध्या के बाद मथुरा-काशी विवाद पर बोले सीएम योगी आदित्यनाथ


मथुरा: अयोध्या में भव्य राम मंदिर पर धर्म ध्वजा के बाद राम राज्य का सपना पूरा हो गया। अयोध्या नगरी में अब राम मंदिर पूरी तरह से बनकर तैयार हो गया है। राम मंदिर के बनने के बाद अब काशी और मथुरा की बारी की बात होने लगी है। शनिवार को एक कार्यक्रम में जब सीएम योगी आदित्यनाथ पहुंचे तो उनको भी इस सवाल का सामना करना पड़ा। इस पर योगी ने कहा कि हम सभी जगह पहुंचेंगे। विरासत पर किसी भी समाज को गौरव की अनुभूति होनी चाहिए और उसी दिशा में ये सारे कार्य शुरू हुए हैं। उनका इशारा एक तरह से काशी और मथुरा की ओर था।उत्तर प्रदेश में अयोध्या के बाद काशी-मथुरा विवाद पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा बयान दिया है। एक सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि हम हर जगह पहुंचेंगे और हम पहले ही पहुंच चुके हैं। हर समाज को अपनी विरासत पर गर्व महसूस करना चाहिए और इन कार्यों की शुरुआत इसी दिशा में की गई है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब सरकार की नजर इन दोनों स्थानों पर है। अयोध्या फैसले पर मुख्यमंत्री ने कहा, हम उच्चतम न्यायालय के आभारी हैं, जिन्होंने तथ्य और प्रमाणों के आधार पर सर्वसम्मति से फैसला सुनाया। उन्होंने कहा कि विवादित ढांचे के हटने का दिन देश की मनोवैज्ञानिक पीड़ा को दूर करने वाला क्षण था।इससे पहले भारत के पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के पूर्व क्षेत्रीय निदेशक केके मुहम्मद ने कहा था- मुसलमानों को सलाह है कि वे मथुरा और वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद हिंदुओं को सौंप दें। उनका कहना था कि ये दोनों स्थान हिंदुओं के लिए उतने ही पवित्र हैं जैसे मुसलमानों के लिए मक्का और मदीना। मथुरा विवाद शाही ईदगाह मस्जिद को लेकर है, जो कृष्ण जन्मभूमि मंदिर के पास स्थित है। हिंदू याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि यह मस्जिद मुगल सम्राट औरंगजेब द्वारा भगवान कृष्ण के जन्म स्थान पर मंदिर गिराकर बनाई गई थी। वहीं काशी (वाराणसी) में ज्ञानवापी मस्जिद पर भी विवाद जारी है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि यह काशी विश्वनाथ मंदिर को तोड़कर बनाई गई थी।



