आठ माह से पीडीएस दुकान से गरीबों को नहीं मिले दाल और गोदाम से सड़ी दाल की प्रशासनिक जांच शुरू, द राष्ट्रीय न्यूज़ ने उजागर किया था मामला

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Saraikela : विगत आठ माह से पीडीएस (जन वितरण प्रणाली) के दुकान से गरीबों को मुख्यमंत्री दाल योजना का दाल नहीं मिलने और गोदाम में पड़ी पड़ी दाल सड़ जाने के मामले उजागर होने के बाद प्रशासनिक महकमा हरकत में आ गया है. इस मामले की जांच शुरू हो गई है. आपको बता दें कि द राष्ट्रीय न्यूज़ ने इस मामले को खबर के माध्यम से पिछले दिनों उजागर किया था. आज गम्हरिया प्रखंड स्थित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) गोदाम में चोरी और खराब दाल मिलने की शिकायत के बाद प्रशासन हरकत में दिखा है. मंगलवार को सरायकेला के अनमंडल पदाधिकारी (SDO) अभिनव प्रकाश ने गोदाम पहुंचकर परे मामले की जांच की है. एसडीओ अभिनव प्रकाश दोपहर करीब 12 बजे प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (BS0) के साथ गोदाम पहुंचे और निरीक्षण किया है. इस दौरान उन्होंने गोदाम की स्रक्षा व्यवस्था, खाद्यान्न के रखरखाव, भंडारण व्यवस्था और संबंधित दस्तावेजों की जांच की. उन्होंने अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी ली और गोदाम की व्यवस्थाओं को बेहतर करने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं. उन्होंने सड़ी दाल की शिकायत पर विभाग से सफार्ई मांगी. वहीं, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी ने बड़ी मात्रा में सड़ी दाल मिलने की खबरों को गलत बताया. उन्होंने कहा कि जांच के दौरान केवल एक-दो पैकेट दाल खराब मिले थे. जिन्हें तुरंत बदल दिया गया. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और समाचारों में दिखाई गई अधिक मात्रा में खराब दाल की तस्वीरों से विभाग सहमत नहीं है. प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के अनुसार, चोरों ने गोदाम से इन्वर्टर, बैटरी समेत कई अन्य सामान चोरी कर लिए हैं. इसके अलावा तौल मशीन को भी नुकसान पहंचाया गया है. मामले को लेकर पूलिस जांच कर रही है. सूत्रों के अनुसार, गोदाम में लगी तौल मशीन पिछले कई दिनों से खराब पडी थी. मशीन के सही तरीके से काम नहीं करने के कारण पीडीएस दृकानों तक भेजे जाने वाले अनाज की मात्रा में अंतर आने की शिकायत सामने आई थी. बताया जा रहा है कि कई बोरे में तय मात्रा से करीब 2 से 3 किलोग्राम तक अनाज कम पहंचने की आशंका जताई जा रही थी. सुरक्षा बढ़ाने और मशीन ठीक कराने के निर्देश निरीक्षण के बाद एसडीओ ने गोदाम की सभी व्यवस्थाओं की समीक्षा की और अधिकारियों को सरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए साथ ही खराब तौल मशीन को जल्द दूरुस्त कराने को कहा गया, ताकि राशन वितरण व्यवस्था में किसी तरह की परेशानी न हो. अब सवाल उठता है कि जब 2 ही पैकेट दाल सड़ा मिला तो 8 माह के बाकी दाल कहाँ गए, क्या वो चोर ले गए या उसकी कालाबाजारी हो गई. फिलहाल इस मामले की गहराई से जांच की आवश्यकता है कि आखिर गरीबों का दाल कौन कहा गया?

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