बहू को डांटना नहीं माना जाएगा क्रूरता, हाईकोर्ट के फैसले से बड़ा कानूनी संदेश

Advertisements

रांची : झारखंड हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि किसी घरेलू विवाद के दौरान बहू को एक बार डांटना या अपशब्द कहना अपने आप में भारतीय दंड संहिता की धारा 498A के तहत क्रूरता नहीं माना जा सकता। अदालत ने इसी आधार पर सास की सजा और दोषसिद्धि को रद्द कर दिया।

Advertisements
https://bashisthaonline.in
Advertisements
Advertisements
https://bashisthaonline.in

मामला गुड़ के शीरे से भरे बर्तन को जमीन पर रखने को लेकर हुए विवाद से जुड़ा था। आरोप था कि सास की डांट के बाद बहू ने खुद को आग लगा ली थी और बाद में उसकी मौत हो गई। हाईकोर्ट ने कहा कि सात वर्षों के वैवाहिक जीवन में लगातार प्रताड़ना या उत्पीड़न के पर्याप्त साक्ष्य पेश नहीं किए गए और अभियोजन पक्ष धारा 498A के आवश्यक तत्व साबित करने में असफल रहा। इसलिए सास के खिलाफ दर्ज दोषसिद्धि और सजा को निरस्त कर दिया गया।

About The Author

See also  रणजी ट्रॉफी: झारखंड और दिल्ली के बीच मुकाबला अक्तूबर से, विराट सिंह संभालेंगे कमान

You may have missed