दिल्ली हाईकोर्ट ने राणा अयूब के पोस्ट को “समुदाय विभाजनकारी” बताया, पुलिस से कार्रवाई का आदेश


नई दिल्ली : दिल्ली उच्च न्यायालय ने पत्रकार राणा अयूब द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर किए गए कुछ पोस्टों को लेकर पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों से कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। न्यायालय ने कहा कि इन पोस्टों में हिंदू देवी‑देवताओं और स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर के बारे में लिखी गई टिप्पणियां “अपमानजनक, समुदाय विभाजनकारी और संवेदनशील” प्रतीत होती हैं।

यह मामला अधिवक्ता अमिता सचदेवा की याचिका पर सुना गया, जिसमें उन्होंने दावा किया कि ये पोस्ट धार्मिक भावनाओं को आहत करते हैं और देश में सामाजिक सौहार्द बिगाड़ सकते हैं। कोर्ट ने राणा अयूब, सोशल मीडिया कंपनी ‘एक्स’ और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर उनकी जवाबी दलीलें मांगी हैं और कहा है कि अगली सुनवाई 10 अप्रैल को होगी।
न्यायालय की यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब सोशल मीडिया पर धार्मिक और संवेदनशील विषयों को लेकर बहसें तेज हैं। अदालत ने कहा कि किसी भी टिप्पणी को गंभीर तरीके से देखा जाना चाहिए, खासकर जब वह समाज में विभाजन की आशंका पैदा कर सकती हो। जांच जारी रहेगी और कोर्ट कानून के तहत आवश्यक कदम उठाने के लिए संबंधित पक्षों से विवरण मांगेगी।


